उधमपुर। देविका घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार को देविका घाट पर लक्की सिंह की मां का अंतिम संस्कार किया गया था। बुधवार सुबह जब वह घाट पर फूल उठाने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि चिता के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
लक्की ने बताया कि मां के नाक में सोने का कोका था, जिसके लालच में कुछ अज्ञात लोगों ने चिता को डंडों से खंगाल दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला न केवल चोरी का है बल्कि धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा है। देविका घाट को मोक्ष का द्वार कहा गया है। इस घाट पर हर धर्म के लोगों का अंतिम संस्कार किया जाता है। लक्की ने कहा कि घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, जब रिकार्डिंग के बारे में पूछा गया तो पता चला कि कैमरे कई दिनों से बंद पड़े हैं। वहां पर देखभाल के लिए चौकीदार भी रखा गए हैं उनमें से एक घायल था तो दूसरा कहां था, यह भी बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि शाम छह बजे तक दो लोग वहां उपस्थित थे और रात के करीब 10 बजे लक्की भी देखने आए थे तब तक वहां सब ठीक था। उन्होंने सवाल उठाया कि कैमरे लगाने का क्या फायदा, यदि वह किसी काम नहीं आ रहे हैं। साथ ही कहा कि यहां पुलिस के होते हुए भी यह घटना कैसे घट गई।
वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय समाज सेवक सुरिंदर सिंह खालसा ने कहा कि सुरक्षा होनी चाहिए, क्योंकि एक बेटे को उसकी मां के फूलों का अच्छे से विसर्जन करने का सुख प्राप्त नहीं हुआ, इससे दुखद बात और क्या होगी। साथ ही कहा कि सुरक्षा सम्भव नहीं है तो हम खुद इंतजाम करवा देंगे। लक्की और अन्य लोगों ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि यह समस्या पहले भी देखी जा चुकी हैं प्रशासन को जल्द से जल्द सुरक्षा का प्रबंध करना चाहिए ताकि दोबारा श्मशान घाट पर इस तरह की घटना न हो।
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कोट
श्मशान घाट पर पेश आई घटना का संज्ञान लिया गया है और वहां सीसीटीवी बंद होने के संबंध में क्षेत्र के सफाई अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। फिलहाल शुरुआती जांच में पाया गया है कि जिस फर्म के द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, उसकी वायरिंग की वजह से इसमें तकनीकी खामी आ गई थी। तत्काल इस संबंध में नगर परिषद की टीम ने उक्त फर्म से संपर्क कर सीसीटीवी ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा नगर परिषद यह भरोसा दिलाती है कि इस तरह की घटनाओं की रोकथाम को लेकर जो भी जरूरी कदम होंगे, वे सभी सुनिश्चित किए जाएंगे ताकि दोबारा इस तरह की शिकायत न आए।
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सद्दाम हुसैन, सीईओ, नगर परिषद उधमपुर