फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udhampur News: चार हजार महिलाएं बन चुकी आत्मनिर्भर, चला रहीं स्वरोजगार

विज्ञापन
विज्ञापन
उधमपुर। एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) उधमपुर महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसमें महिलाएं बिना कोई पैसा खर्च किए कुशल कारीगर बनकर खुद का स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। साल 2010 से जिला उधमपुर में संचालित इस संस्थान से अब तक कुल 6110 महिलाएं विभिन्न प्रकार के कोर्स हासिल कर चुकी हैं। इनमें से 4221 अपना सफल स्वरोजगार चला रहीं हैं।
विज्ञापन


संंस्थान में स्वरोजगार के लिए 57 प्रकार के प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध हैं। इनमें मुख्य रूप से कैंडल मेकिंग, अगरबत्ती मेकिंग, सिलाई प्रशिक्षण, काॅस्टयूम ज्वैलरी मेकिंग, साफ्ट टाॅय मेकिंग, जूट बैग बनाना, फास्ट फूड बनाना, पापड़, अचार और मसाला बनाना, ब्यूटिशियन इत्यादि मुख्य रूप से शामिल हैं। कोई भी महिला अपनी पंसद का प्रशिक्षण यहां निशुल्क हासिल कर सकती है। संस्थान द्वारा 30 से 35 महिलाओं का समूह तैयार कर एक माह का कोर्स कराया जाता है। कोर्स पूरा होने के बाद प्रमाण पत्र दिया जाता है और स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधा की सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह के पंजीकरण की सुविधा है उपलब्ध
प्रशिक्षण के इच्छुक लाभार्थी अपने आधार कार्ड, वोटर आईडी/ राशन कार्ड, चार पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, श्रेणी प्रमाण पत्र के दस्तावेजों के साथ ऑफ लाइन अथवा ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए न्यूनतम योग्यता आठवीं पास है।
विज्ञापन

संंस्थान में प्रशिक्षण के दौरान बोर्डिंग की भी है निशुल्क सुविधा
संस्थान में प्रशिक्षण हासिल करने वाली महिलाओं के लिए रहने और खाने की भी निशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है। इससे खासतौर पर दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों की महिलाएं बिना किसी चिंता के यहां प्रशिक्षण हासिल कर खुद का स्वरोजगार शुरू करने के काबिल बन सकती हैं। इसके अलावा जरूरत के मुताबिक दूर दराज के ग्रामीण इलाकों में कैंप लगाकर भी इस तरह के प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं जाते हैं।

कोट

संस्थान, 18 से 45 वर्ष आयु तक तक की महिलाओं को तकनीकी, फैशन और हस्तशिल्प क्षेत्रों में रोजगार सृजन की अपार संभावनाओं वाले प्रशिक्षण प्रदान करता है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को मूल्यवान कौशल प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से, महिलाओं को न केवल कौशल सिखाया जाता है, बल्कि उन्हें बैंकों से मुद्रा लोन लेने में भी मदद की जाती है ताकि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें। बेरोजगार महिलाओं-युवतियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है और हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लाभार्थी इसका लाभ उठाएं, इसके लिए हम लगातार जागरूकता शिविर भी लगा रहे हैं।
-अमित कुमार, डायरेक्टर एसबीआई आरएसईटीआई उधमपुर

-
प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनी महिलाएं
संस्थान से प्रशिक्षण लेकर अब अपना बूटीक चला रहीं हैं। इससे उन्हें हर माह 10 से 15 हजार की आमदन हो रही है। पहले रोजगार की तलाश में परेशान थी और घर खर्च के लिए भी काफी मुश्किल पेश आती थी, अब आत्मनिर्भर बनकर खुश हूं।
-सुषमा देवी, निवासी कैंथलगी, पंचैरी
संस्थान से प्रशिक्षण लेकर अपना ब्यूटी पार्लर खोला है। इससे सम्मान जनक आजीविका अर्जित करने में मदद मिली है। पहले रोजगार की तलाश में परेशान थी लेकिन अब स्वयं का स्वरोजगार शुरू कर लिया है।
-मीनाक्षी देवी निवासी संबल, उधमपुर
संस्थान से निशुल्क प्रशिक्षण लेकर अचार व जैम बनाने का यूनिट लगाया है और अब आत्मनिर्भर बनकर आजीविका कमा रहीं हैं। यह शहर और गांव दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के काफी अच्छा अवसर है।
-निशा देवी निवासी डबरैह-चक
संस्थान से निशुल्क प्रशिक्षण और ऋण संबंधी सहायता से अपना खुद का सिलाई केंद्र शुरू किया है। इससे प्रति माह 15 से 20 हजार की आमदन हो रही है। यह स्वरोजगार शुरू करने के लिए न सिर्फ प्रशिक्षण देता है बल्कि स्वरोजगार शुरू करने के लिए हर संभव सहायता भी उपलब्ध कराता है।
विज्ञापन

-नीता देवी निवासी रामनगर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें