उधमपुर/रामनगर। दो अतिव्यस्त सड़कों के मध्य में मौजूद सरकारी प्राइमरी स्कूल, रामनगर (वार्ड नंबर 8) की चहारदिवारी न होने के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा खतरे में है।
स्कूल के पास लगे बिजली ट्रांसफार्मर के खुले फ्यूज भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। यह स्कूल दो व्यस्त सड़कों के बीच में स्थित है। एक सड़क चौकी-डालसर, तो दूसरी पीडब्ल्यूडी विभाग कार्यालय और पुराने बाजार की ओर जाती है। इन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। कुछ समय पहले इसी मार्ग पर एक बाइक दुर्घटना में युवक की मौत हो गई थी। अगर उस समय स्कूल खुला होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
स्कूल परिसर के पास ही बिजली विभाग द्वारा वर्षों पहले ट्रांसफार्मर लगाया गया था, लेकिन उसमें लगे फ्यूज खुले हैं, जो किसी भी समय बच्चों या राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। कई बार मवेशी इसकी चपेट में आकर मर चुके हैं, लेकिन बिजली विभाग ने अब तक कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए हैं।
कोट
हम कई बार शिक्षा विभाग और बिजली विभाग से भी समस्या का समाधान करने की मांग कर चुके हैं लेकिन इसके बावजूद भी छात्रों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है, जो काफी चिंताजनक है।
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काका राही, वार्ड के पूर्व पार्षद
शिक्षा विभाग की इस तरह की लापरवाही काफी चिंताजनक है। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए और जल्द से जल्द इसका समाधान करना चाहिए।
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अनिल कुमार, स्थानीय निवासी
इस तरह की विभागीय लापरवाही काफी खतरनाक है। यह स्कूल दो सड़कों के मध्य में मौजूद हैं और इसके पास एक बिजली ट्रांसफार्मर भी लगाया गया है। ऐसे में स्कूल की चहारदिवारी नहीं होना जानबूझकर हादसे को न्यौता देने के बराबर है।
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सीमा देवी, स्थानीय निवासी
इस प्राइमरी स्कूल में अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तो ठीक है लेकिन छात्रों की सुरक्षा के साथ समझौता अस्वीकार्य है। हम काफी देर से स्कूल के लिए चहारदिवारी की मांग कर रहें हैं लेकिन विभाग शायद किसी हादसे के इंतजार में हैं।
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शुभम, स्थानीय निवासी
स्कूल की चहारदिवारी के लिए करीब छह महीने पहले प्रस्ताव तैयार करके भेजा गया है और अब ग्रांट की मंजूरी मिलने का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद जल्द से जल्द चहारदिवारी बनाने का काम करवाया जाएगा।
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गिरधारी लाल, जेडईओ