उधमपुर। भारत-पाकिस्तान युद्ध की संभावना के मद्देनजर बुधवार को सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की तरफ से स्कूली छात्रों को माक ड्रिल का अभ्यास कराया गया। इसमें विद्यार्थियों को बताया गया कि अगर हवाई हमला होता है तो ऐसे हालात में हमें किस तरह से अपना बचाव करना है। शहर के सरकारी गर्ल्स सिटी मिडिल स्कूल और निटिल हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इन कार्यक्रमों में इससे संबंधित तौर तरीकों का लाइव प्रदर्शन करके भी दिखाया गया। समझाया गया कि खुद को सुरक्षित रखते हुए हमें घायलों की किस तरीके से सहायता करनी है।
सिविल डिफेंस उधमपुर के चीफ वार्डन स्वतंत्र देव कोतवाल ने बताया कि इस माक ड्रिल सत्र का उद्देश्य छात्रों को एयर स्ट्राइक जैसे हमलों के दौरान खुद को सुरक्षित रखते हुए अपने आसपास के लोगों की सहायता के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह छात्र आगे अपने घरों में जाकर अपने परिजनों और आसपास के लोगों को भी बचाव के इन तौर तरीकों से अवगत कराएंगे ताकि अगर एयर स्ट्राइक जैसी कोई स्थिति बनती है तो अधिकत्तम बचाव सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित रखते हुए अन्य लोगों की सहायता करना ही नागरिक सुरक्षा की प्रथम जिम्मेदारी है। छात्रों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक रूप से हवाई हमलों जैसी आपात स्थिति से बचाव की विस्तृत जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि ऐसे हालात मे हमें पेनिक नहीं होना है, खुद को तनाव मुक्त रखना है और आंख, कान नाक और मुंह का बचाव करते हुए किस तरह शरण और कौन सी पोजिशन लेनी है यह समझाया गया है। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस मौजूदा हालात के मद्देनजर जिला भर के स्कूल-काॅलेजों और सार्वजनिक जगहों पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है।