किश्तवाड़। जिला किश्तवाड़ में करीब दो सप्ताह से अधिक समय से लगातार बिजली संकट गहराता जा रहा है। लोगों के अनुसार दिन में लगभग 24 घंटों में 8 घंटे या उससे भी अधिक समय बिजली बाधित रहती है। इसके कारण सुबह, दोपहर और शाम के समय आम जनता, दुकानदारों तथा कारोबारी वर्ग को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में “चिराग तले अंधेरा” जैसी स्थिति बन चुकी है। वे कहते हैं कि जहां एक ओर दुलहस्ती पावर स्टेशन सहित कई बड़े पावर प्रोजेक्ट किश्तवाड़ में स्थापित हैं, वहीं दूसरी ओर यहां की जनता को ही नियमित बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है।
बिजली कटौती को लेकर कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों और आम नागरिकों ने रोष व्यक्त किया है। इनमें शाकिर सिद्दीकी, सामाजिक संगठन के नेता, सुशील गुप्ता, अशौक कुमार, एजाज अहमद, फारूक अहमद, अदनान डोलवाल तथा अन्य कई स्थानीय लोग और दुकानदार शामिल हैं। इन सभी ने बताया कि लगातार कटौती ने जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दुकानों का कामकाज प्रभावित हो रहा है, ऑनलाइन सेवाएं ठप हैं, बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और घरेलू कार्य भी मुश्किल हो गए हैं। दूसरी ओर बिजली विभाग ने कहा कि जिले में एक बड़े ट्रांसफॉर्मर की इंस्टालेशन और अन्य तकनीकी मेंटेनेंस कार्यों के कारण बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रखी गई है।