चिनैनी। प्राइमरी स्कूल कोटाधार का दर्जा न बढ़ने से पांचवीं से आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को काफी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। बच्चों को जंगली रास्ते से करीब चार किमी चलकर सुद्धमहादेव जाना पड़ रहा है। लोगों ने प्राइमरी स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग की है।
स्थानीय निवासी अकल दीन, मशकुर अहमद, रविंद्र कुमार, शौकत अली ने बताया कि प्राइमरी स्कूल कोटाधार प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सुद्धमहादेव के पास पहाड़ी पर स्थित है। इस स्कूल में मौजूदा समय में 24 विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। विद्यार्थी कोटाधार के अलावा शिवगढ़धार से भी पढ़ने आते हैं। शिवगढ़धार से कोटाधार की दूरी करीब तीन से चार किलोमीटर जंगली रास्ते से है। विद्यार्थी प्राइमरी स्कूल से शिक्षा हासिल करने के बाद पांचवी पास के बाद सुद्धमहादेव में पढ़ाई के लिए जाते हैं। प्राइमरी स्कूल से मिडिल स्कूल की दूरी भी करीब 4 किलोमीटर है। ऐसे में कई विद्यार्थी स्कूल दूर होने की वजह से तथा जंगली रास्ते के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हैं।
लोगों ने कहा, स्कूल वर्ष 2004 को खुला था और करीब 21 सालों से अभी भी इस प्राइमरी से मिडिल का दर्जा नहीं मिल पाया है। लोगों ने मिडिल स्कूल का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई।
स्कूल में कमरों की भी है कमी
प्राइमरी स्कूल कोटाधार में कुल तीन कमरे हैं। दो कमरों में बच्चों को पढ़ाया जाता है जबकि एक कमरे में ऑफिस है। स्कूल में पहले से पांचवीं तक पांच कक्षाएं और प्री नर्सरी की तीन कक्षाएं भी शामिल हैं। ऐसे में कमरों की कम संख्या भी बच्चों के लिए परेशानी का कारण बनती है।
कोट
उनकी टीम कोटाधार में पहुंच कर जायजा लेगी। यदि संभावना बनती है तो उसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
-कुलदीप सिंह, जेडईपीओ