उधमपुर। मौजूदा बरसाती मौसम में आसमान से बरस रही उमस और तीखी तपिश के बीच उधमपुर के लोग बिजली की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। शहर से लेकर गांवों तक घंटों-घंटों हो रही अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। सुबह की शुरुआत होते ही तीन से चार घंटे का कट लग जाता है और शाम ढलते ही छोटे-बड़े कटों का सिलसिला पूरी रात लोगों को सोने नहीं देता।
बिजली विभाग के अधिकारियों से जब इस बाबत बात की जाती है तो उनका रटा-रटाया जवाब होता है कि जम्मू से मरम्मत कार्य (मेंटेनेंस) के चलते कटौती की जा रही है। जनता का सवाल है कि इस भारी बरसात के मौसम में ऐसा कौन सा मरम्मत कार्य चल रहा है, जिसकी कोई पूर्व सूचना तक नहीं दी जाती। कभी 15 मिनट, कभी आधा घंटा तो कभी घंटों बत्ती गुल रहना किस तरह की मरम्मत है, यह समझ से परे है। विभाग कागजों पर भले ही 24 घंटे सुचारू सप्लाई का दावा करे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लोग बूंद-बूंद पानी और हवा के लिए तरस रहे हैं। शहर के वार्ड नंबर 11, 12, 13, 19 सहित कई इलाकों में भी रोजाना ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है।
अमरनाथ यात्रियों के स्वागत के दावों की खुली पोल
इस भीषण बिजली संकट का असर सिर्फ स्थानीय निवासियों पर ही नहीं, बल्कि बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आ रहे अमरनाथ यात्रियों पर भी पड़ रहा है। प्रशासन ने निर्देश दिए थे कि यात्रा मार्ग और यात्री निवासों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, बैकअप के तौर पर इन केंद्रों में जनरेटर और इन्वर्टर की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन जिस रफ्तार से कट लग रहे हैं, उस स्थिति में ये वैकल्पिक साधन भी दम तोड़ रहे हैं। उमस भरी गर्मी में यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही कुछ नजारा बुधवार रात को बलि नाला स्थित यात्री आवास केंद्र में भी देखने को मिला।
स्थानीय निवासी सौरभ दूबे, अमित सलारिया, दीपक शर्मा और सुरेश खजूरिया का कहना था कि एक तरफ उमस से दम फूल रहा है, दूसरी तरफ बिजली विभाग ने आंखें मूंद ली हैं। वीआईपी इलाकों को छोड़कर आम आदमी के घरों में कब बिजली आएगी और कब जाएगी, इसका कोई टाइम टेबल नहीं है। वीआईपी कल्चर बंद हो और जनता को राहत मिले।
कोट
ग्रिड स्टेशन की ओर से रखरखाव के लिए सुबह अप्रूव्ड शटडाउन लिया गया था। बाकी खराब मौसम के चलते और तकनीकी खराबी आने की वजह से कभी कभार बिजली प्रभावित हो जाती है जिसकी मरम्मत के लिए कर्मी बारिश या रात तक नहीं देखते ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़ा।
- अरुण गुप्ता, एक्सईएन, पीडीडी