उधमपुर। उत्तरी कमान स्थित क्षेत्रीय सेना महिला कल्याण संघ (आवा) ने हाल ही में वर्चुअल आउटरीच कार्यक्रम के माध्यम से कमान क्षेत्र और विभिन्न थानों में प्रोजेक्ट गर्भ संस्कार का शुभारंभ किया। इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और कार्यक्रम में लगभग 2,500 आवा लाभार्थियों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों में गर्भवती महिलाएं और नवविवाहित जोड़े शामिल थे जो अपना परिवार बढ़ाने की योजना बना रहे थे। वक्ताओं ने कहा कि उत्साहपूर्ण भागीदारी मातृ स्वास्थ्य और समग्र पारिवारिक कल्याण के प्रति सेना समुदाय में बढ़ती जागरूकता और मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रोजेक्ट गर्भ संस्कार एक दूरदर्शी पहल है जिसे भावी माता-पिता को भारत के प्राचीन ज्ञान में निहित सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने का अवसर प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ सहज रूप से एकीकृत है।
यह परियोजना मां के गर्भ से ही बच्चे के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के पोषण पर केंद्रित है, जो एक स्वस्थ और सशक्त भावी पीढ़ी के लिए एक मजबूत नींव रखती है। यह सत्र केंद्रीय आवा टीम की प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञों डॉ. पुष्पा पांडे, डॉ. मंजू गुप्ता और कर्नल राखी धवन द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने गर्भावस्था और प्रसवोत्तर काल के दौरान समग्र मातृ देखभाल के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने संतुलित पोषण, भावनात्मक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और गर्भावस्था के दौरान समय पर चिकित्सा परामर्श के महत्व पर बल दिया। उन्होंने गर्भवती माताओं के लिए सहायक वातावरण बनाने में परिवारों और समाज की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया। इस कार्यक्रम में कमांड अस्पताल (उत्तरी कमान) के विशेषज्ञों और अन्य प्रतिष्ठित वक्ताओं के साथ एक ज्ञानवर्धक पैनल चर्चा भी हुई।
सभा को संबोधित करते हुए आवा की क्षेत्रीय अध्यक्षा शाइनी शर्मा ने इस बात पर बल दिया कि एक स्वस्थ और खुशहाल मां एक मजबूत परिवार और एक प्रगतिशील राष्ट्र की आधारशिला होती है। उन्होंने सेना परिवारों के कल्याण, स्वास्थ्य और सशक्तीकरण के प्रति आवा की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।