उधमपुर। राष्ट्रव्यापी वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के तहत भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय सुरक्षा और जिम्मेदार बैंकिंग प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए एसटीसी बीएसएफ उधमपुर में एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व आरबीआई की सहायक महाप्रबंधक गगनप्रीत कौर ने किया। उन्होंने लगभग 200 बीएसएफ कर्मियों को वित्तीय अनुशासन, डिजिटल सुरक्षा और संस्थागत बैंकिंग तंत्र के महत्व के बारे में संबोधित किया। कार्यक्रम लीड जिला मैनेजर और सीएफएल सीआरआईएसआईएल तथा आरडीएस फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के समन्वय से आयोजित किया गया था।
इसी तरह के वित्तीय साक्षरता शिविर बालियां गांव और हायर सेकेंडरी स्कूल पखलाई में भी आयोजित किए गए। सत्र के दौरान गगनप्रीत कौर ने आधुनिक बैंकिंग प्रणाली में केवाईसी को पहली सुरक्षा पंक्ति बताते हुए इस बात पर जोर दिया। प्रतिभागियों को केवाईसी की अनिवार्यता और संस्थानों में निर्बाध बैंकिंग के लिए केंद्रीकृत केवाईसी के लाभों के बारे में जानकारी दी गई। निवेश धोखाधड़ी से बचने और वर्दीधारी कर्मियों को अक्सर निशाना बनाने वाले डिजिटल घोटालों से सतर्क रहने पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिभागियों को बचत और निवेश की बुनियादी बातों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया, जिसमें दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए अनुशासित बचत आदतों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। एजीएम में कैडेटों को उदगम पोर्टल से परिचित कराया गया और बताया गया कि व्यक्ति कैसे लावारिस जमा राशि का पता लगा सकते हैं और उस पर दावा कर सकते हैं।
उन्होंने परिवार और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और अटल पेंशन योजना जैसी जन सुरक्षा योजनाओं में नामांकन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें कैडेटों ने आरबीआई और लीड बैंक के अधिकारियों के साथ डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और सुरक्षित वित्तीय प्रथाओं के बारे में अपने संदेह दूर किए।