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Udhampur News: बच्चों में मिट्टी या चाक खाने की तलब चिंताजनक समस्या

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उधमपुर। भारत के कई हिस्सों में लोगों में मिट्टी खाने की आदत एक आम समस्या बन गई है। इस आदत के कारणों का पता लगाने के लिए किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि यह समस्या ज्यादातर कुपोषण और आयरन की कमी के कारण होती है। मिट्टी खाने की आदत एक प्रकार की विकृति है जिसे पिका कहा जाता है। बच्चों के अतिरिक्त खासतौर पर महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जाती है क्योंकि महिलाओं को मासिक धर्म, गर्भावस्था और स्तनपान के दाैरान अधिक पोषक तत्वों की जरूरत होती है।
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वहीं इस संदर्भ में जीएमसी उधमपुर के डाॅ. दीपक कुमार ने बताया कि छोटे बच्चों में मिट्टी खाने से कई समस्याएं हो सकती है। मिट्टी में बैक्टीरिया, परजीवी, कीड़े, अंडे आदि हो सकते हैं। इससे पेट और आंखों में इंफेक्शन होता है। हुकवर्म, राउंडवर्म जैसे कीड़े शरीर में पहुंचकर खून की कमी कर सकते हैं। मिट्टी पत्थर बनकर आंतों में फंस जाती है। यह पेट में पोषक तत्वों का अवशोषण भी रोक सकते हैं।
कुपोषण की कमी के लक्षण

आयरन की कमी के लक्षणों में जरूरत से ज्यादा थकान, बाल झड़ना, ध्यान न लगना, हाथ-पैर ठंडे रहना और कैल्शियम की कमी के लक्षण मांसपेशियों में खिंचाव, हड्डियों में दर्द, आसानी से हड्डियों का टूटना, नाखून का सफेद होना, हथेली का सफेद होना, दिल की धड़कन में बदलाव, नींद में कमी आदि। डॉ. दीपक ने कहा कि अगर यह लक्षण देखने को मिलते है तो जीएमसी में डाक्टर से जांच कराएं और सही इलाज करवा कर इस आदत को नियंत्रित करें।
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