उधमपुर। शहर के बीचोंबीच स्थित कलर सब्जी मंडी में निजी सहित दो पहिया वाहनों से भी गेट एंट्री के नाम पर 25 रुपए प्रति वाहन चुंगी वसूली जा रही है जबकि पूरे जम्मू-कश्मीर में किसी भी मंडी में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। उस पर इसके खिलाफ आवाज उठाने पर दो लोगों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर तक दर्ज करवा दी गई है।
कुछ दिन पहले कलर सब्जी मंडी में समाज सेवक महेश बनाथिया और वरिष्ठ पत्रकार अमन शर्मा अपनी स्कूटी पर मंडी में सब्जी लेने के लिए पहुंचे थे। वापस लौटते समय मंडी में ठेके पर तैनात गेट एंट्री के कर्मियों ने उन्हें 25 रुपए की पर्ची थमा दी, जब बनाथिया ने इस पर सवाल खड़े किए तो दोनों पक्षों में बहसबाजी शुरू हो गई। बनाथिया का आरोप था कि हाईवे से लेकर टाउन तक चाहे वो टोल प्लाजा हो या फिर लारी अड्डा प्रदेश के किसी भी हिस्से में दोपहिया वाहनों से टैक्स नहीं वसूला जाता तो फिर उधमपुर सब्जी मंडी में ऐसा क्यों हो रहा है। इस पर कर्मी ने जवाब दिया कि उनके ठेके में साफ लिखा है कि जो कोई भी 20 किलोग्राम से अधिक सब्जी लेकर जाएगा चाहे वो कोई भी वाहन हो तो उससे टैक्स की वसूली की जाएगी। इस पर दोनों पक्षों में बहसबाजी हो गई और उसका वीडियो न्यूज पोर्टल पर वायरल हो गया।
हैरानी यह है कि इस मुद्दे पर जहां विभाग को अपना स्पष्टीकरण देकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए तो वहीं ठेका कर्मी की ओर से दोनों लोगों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर दी गई।
वहीं मंडी में दोपहिया वाहन चालकों से गेट एंट्री वसूली की जानकारी मिलने पर कई संगठनों ने अपना रोष व्यक्त किया। कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष सुमित मगोत्रा ने कहा कि भले ही ठेके में यह साफ लिखा गया है कि दो पहिया वाहनों पर 20 किलोग्राम से अधिक सब्जी ले जाने पर 25 रुपये वसूली की जाएगी, लेकिन पूरे प्रदेश खासकर जम्मू में सबसे बड़ी नरवाल मंडी में भी इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में किसके कहने पर उधमपुर मंडी में यह आदेश लागू किए गए। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग के अधिकारी को यह निर्देश वापस लेने को कहा गया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसका खिलाफ कड़ा रोष प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उधमपुर की मंडी में मनमाने ढंग से वसूले जा रहे गुंडा टैक्स को लेकर आवाज क्यों नहीं उठाई गई और यह सब किसके कहने पर किया जा रहा है।
वहीं समाज सेवक अमित शर्मा ने भी सब्जी मंडी में निजी व दोपहिया वाहनाें से गेट एंट्री वसूली को लेकर सवाल उठाए। शर्मा का आरोप था कि दोपहिया वाहनों से वसूली किस अधिनियम के तहत की जा रही है। अगर विभाग ने ठेकेदार को अनुमति दी है तो विभाग को भी इसका जवाब देना चाहिए कि यह सब किसके कहने पर किया जा रहा है। खासकर जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रशासन या संबंधित विभाग को पहुंचाने वाले लोगों पर एफआईआर दर्ज करना चिंता का विषय है।
कोट
पिछले जारी किए टेंडर में दोपहिया वाहनों से भी गेट एंट्री का प्रावधान रखा गया है। मार्च में टेंडर खत्म होने के पहले इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती इसलिए अगले टेंडर से इसे हटा दिया जाएगा। मंडी व्यापारियाें और आम आदमी की सुविधा के लिए निजी वाहनों को मंडी में प्रवेश की अनुमति न देने पर भी विचार किया जा सकता है ताकि भविष्य में इस तरह का विवाद न हो।
- सुनील सिंह, एडी एवं अतिरिक्त प्रभारी एजीएम, हॉर्टिकल्चर प्लानिंग एंड मार्केटिंग विभाग, उधमपुर- रियासी।