उधमपुर। रामनगर तहसील के नाला जलेरा से तागन तक किसानों की सुविधा के लिए साढ़े 7 किलोमीटर सिंचाई नहर (कूहल) का निर्माण कार्य पिछले 43 सालों से पूरा नहीं हो पाया है। उस पर 8.19 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और मरम्मत कार्य के नाम पर 2 करोड़ रुपये और खर्च हो रहे हैं।
यह आरोप बीआर आंबेडकर सीनियर सिटिजन पेंशनर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के संयोजक एससी डोगरा ने लगाए। डोगरा ने बताया कि वर्ष 1982 में रामनगर तहसील के नाला जलेरा से तागन तक साढ़े सात किलोमीटर सिंचाई नहर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था लेकिन मौजूदा 2025 में भी उस नहर का निर्माण मात्र 5 किलोमीटर तक ही पूरा हो पाया है जबकि ढाई किलोमीटर के हिस्से का काम अभी भी बकाया है। डोगरा ने बताया कि यह परियोजना पहले जिला सेक्टर, फिर नाबार्ड और उसके बाद एआईबीपी के तहत पूरी की जानी थी लेकिन अब प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत बनाई जा रही है। उन्होंने सरकार एवं उप राज्यपाल से मामले की जांच करने और परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है।