उधमपुर। स्पेशल मोबाइल मजिस्ट्रेट की अदालत ने लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में आरोपी पर नरमी बरतते हुए उसे रिहा कर दिया। यह फैसला उचित चेतावनी के बाद उसके अच्छे आचरण और अपराध स्वीकार करने पर लिया गया।
अभियुक्त ने अपने वकील के माध्यम से आवेदन किया। कहा कि उससे पहली बार गलती से अपराध हुआ है। वह अपराध स्वीकार करता है। अदालत की शर्तों का पालन करेगा इसलिए नरम रुख अपनाने का अनुरोध है। अदालत ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत लगाए गए आरोपों पर गौर किया। अदालत ने यह सुनिश्चित किया कि बिना किसी दबाव, धमकी, वादे या अनुचित प्रभाव के स्वीकारोक्ति स्वैच्छिक है। न्यायालय ने अभियुक्त के स्वीकारोक्ति पर ध्यान दिया। अभियुक्त को सजा देने के बजाय उचित चेतावनी के बाद अच्छे आचरण की परिवीक्षा पर रिहा करने का फैसला सुनाया।