उधमपुर। उपायुक्त सलोनी राय ने नशा नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन और उनके जमीनी स्तर पर प्रभाव का आकलन करने के लिए नार्को समन्वय केंद्र के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें मादक पदार्थों के व्यापार में शामिल व्यक्तियों की पहचान और एनडीपीएस अधिनियम के मामलों की जांच में हुई प्रगति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। भांग की फसलों की पहचान कर नष्ट करने के निर्देश दिए।
डीसी ने मादक पदार्थों के तस्करों की वित्तीय संपत्तियों को जब्त और कुर्क करने, बिना वैध नुस्खे के अनुसूचित दवाइयां बेचने वाली दवा दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने, मादक फसलों की अवैध खेती पर अंकुश लगाने के उपाय करने, मादक द्रव्यों के सेवन के शिकार लोगों के पुनर्वास की पहल करने, शैक्षणिक संस्थानों में निगरानी रखने और नशा मुक्त पंचायत अभियान के कार्यान्वयन के निर्देश दिए।
डीसी ने हितधारक विभागों को निर्देश दिया कि वे जन जागरूकता बढ़ाने के लिए परामर्श सेवाएं और आईईसी गतिविधियां बढ़ाएं। उन्होंने जिले में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के हाटस्पॉट की पहचान और निगरानी, नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल पाए गए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण और निगरानी आदि पर भी जोर दिया गया।
ड्रग्स एंड फूड कंट्रोलर को फार्मेसियों में 100 प्रतिशत सीबीएस बिलिंग सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया। ईटीओ को अपने अधिकार क्षेत्र में जंगली भांग की वृद्धि की पहचान करने और उसे नष्ट करने के लिए टीमों और मशीनरी को जुटाने का निर्देश दिया गया। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमोद अशोक नागपुरे, अतिरिक्त उपायुक्त प्रेम सिंह, सहायक आयुक्त राजस्व डॉ. उमेश शान और संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।