मजालता। धेम्मा से चौगान को जाने के लिए गाड़ी का कोई विकल्प नहीं होने की वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोज भारी संख्या में ग्रामीण इस रास्ते से गुजरते हैं।
करीब छह से आठ किलोमीटर इस मार्ग पर कई गांव आते है जिसमें पोनथल, चौहान, अटली, बीबडयू मोहल्ला मुख्य हैं। ग्रामीण को रोज तकरीबन छह किलोमीटर पैदल चल कर बस पकड़नी पड़ती है। परेशानी तो तब और बढ़ जाती है जब ग्रामीणों को कोई सामान लाना पड़ता है या जब कोई बीमार पड़ता है। चौगान के रहने वाले अदीप कुमार गुप्ता का कहना है कि प्रशासन द्वारा जहां तक सड़क तो बना दी गई लेकिन जहां पर कोई यात्री गाड़ी नहीं चलने से ग्रामीणों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है।
चौगान के ही रहने वाले अशोक जंडयाल ने बताया कि यात्री गाड़ी नहीं होने पर रोजमर्रा का सामान लाने में अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वही रुचि गुप्ता का कहना है कि महिलाओं को रोज पैदल चल कर अपने गंतव्य पर पहुंचना पड़ता है वहीं छोटे बच्चे के साथ पैदल चलना बहुत कठिन काम है। प्रशासन को चाहिए कि इस रूट पर यात्री बस या मेटाडोर चलाई जाए।
वही चौगान स्टेडियम में खेलने जाने वाले खिलाड़ी भी यात्री बस नहीं होने से पैदल स्टेडियम में पहुंचे हैं।
तहसीलदार मजालता दीक्षा बाबा ने बताया कि कभी किसी ने यात्री बस के नहीं होने की बात उनके तक नहीं पहुंचाई। वैसे तो इसका हल एआरटीओ उधमपुर ही निकाल सकते हैं, लेकिन अब समस्या संज्ञान में आई है तो वह खुद एआरटीओ उधमपुर से बात कर हल निकलवाएंगे।