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Udhampur News: रेशम कीट पालन में उधमपुर जिला प्रदेश में अव्वल

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कोकून। - फोटो : kathua
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उधमपुर। रेशम के कीड़े यानि कोकून उत्पादन में उधमपुर जिला पिछले 5 सालों में प्रदेश के लगभग 10 टॉप जिलों को पछाड़ कर लगातार पहले नंबर पर है। रेशम के कारोबार से जुड़े जिले के लगभग 5 हजार (कीट पालक) किसान परिवार अपनी मेहनत से तैयार की गई बेहतरीन काेकून का वेस्ट बंगाल से लेकर कर्नाटक तक लोहा मनवा चुके हैं।
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कपड़ों के शौकीन रेशम यानि सिल्क के नाम से अच्छी तरह वाकिफ होंगे। स्वदेशी से लेकर विदेशी ब्रांड भी रेशम के दम पर अपना काफी बड़ा एम्पायर खड़ा कर चुके हैं। लेकिन बेशकीमती रेशम को तैयार करने के लिए कोकून यानि कीट पालन से जुड़ी प्रक्रिया में उधमपुर के लगभग 5 हजार किसानों की मेहनत भी छिपी है जो पूरे प्रदेश सहित बाहरी राज्यों में भी अपनी छाप छोड़ रही है। पिछले 5 सालों में उधमपुर कोकून उत्पादन में पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा है, जबकि दूसरे पर राजोरी और तीसरे पर कठुआ जिले के बाद रियासी, सांबा, जम्मू, डोडा, रामबन, पुंछ, जम्मू आदि जिलों का नाम आता है।
सर्वाधिक 1400 प्रति किलो बिकी ए ग्रेड कोकून

जिले में रेशम के कीड़े पालन यानि सेरीकल्चर विभाग की ओर से साल में दो बार जून-जुलाई और अक्तूबर-नवंबर में मंडी का आयोजन किया जाता है। जिसमें जिले के 5 हजार किसान परिवार खुद तैयार किए गए कोकून को विभाग की मंडी में बेचते हैं। सरकार की ओर से इस बार ए ग्रेड कोकून का न्यूनतम 800 रुपये प्रति किलो दाम निर्धारित किया गया था। जिसका किसानों को सर्वाधिक 1400 रुपये भी प्राप्त हुआ। कोकून की बोली के लिए मंडी में उधमपुर और श्रीनगर के व्यापारी भी आते हैं। लेकिन 85 से लेकर 90 प्रतिशत माल बाहरी व्यापारी खरीद कर ले जाते हैं जिनमें वेस्ट बंगाल और कर्नाटक के व्यापारी अधिक होते हैं।
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रीता बनी किसानों की प्रेरणा स्रोत
पिछले तीन सालों में सेरीकल्चर विभाग कोकून बिक्री में लगातार बढ़ोतरी दर्ज कराता आ रहा है और किसानों की आमदन भी बढ़ रही है। किसान 15 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये माह तक आमदनी कमा रहे हैं। हाल ही में विभाग ने उधमपुर में किसान मेले की मेजबानी की जिसमें उधमपुर सहित रामबन, जम्मू, रियासी और सांबा जिले के किसानों ने भी हिस्सा लिया और उधमपुर के किसानों की उपलब्धियों सहित कीट पालन को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को साझा किया। मेले में रामनगर की रीता देवी पत्नी सुभाष चंद्र को 1295 रुपये प्रति किलो ए ग्रेड कोकून बेचकर 94,664 रुपये की आमदन प्राप्त हुई। उन्हें अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बनने पर सम्मानित भी किया गया।
वर्ष - उत्पादन (प्रति किलो) - आमदन (करोड़)
2024-25 - 1,81609 - 7,2995039
2023-24 - 187000 - 6,8070874
20222-23 150089 - 5,9276219
जिले में 1 हजार से अधिक रेअरिंग सेंटर
जिले में रेशम कीट पालन के लिए लगभग 1 हजार से अधिक रेअरिंग सेंटर खोले गए हैं, जबकि 2024-25 में 116 केंद्र खोले गए। इसके लिए सरकार की ओर से किसानों को 1,57500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है जोकि सीधा किसानों में खाते में जमा होती है जबकि 10 प्रतिशत किसानों को खुद से खर्च करना होता है। सेंटर में कोकून की खुपटी में पैदा होने वाले कीड़ाें को बदलते तापमान से बचाया जाता है। खासकर अधिक ठंड की वजह से कोकून के उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ता है और ए ग्रेड उत्पादन के लिए कोकून को पर्याप्त गर्म तापमान की जरूरत होती है।
आगे ओर बेहतर होंगे प्रयास
आगामी 2025-26 में उधमपुर से बेहतरीन कोकून उत्पादन के पूरे आसार हैं। भले ही इस बार मौसम में काफी फेरबदल देखने को मिला लेकिन किसानों की ओर से पूरे प्रयास किए जा रहे हैं और विभाग की ओर से किसानों को समय-समय हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
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- सुषमा गोतम, जिला सेरीकल्चर आफिसर, उधमपुर
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