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चालू वर्ष में कीट पालकों ने बेची चार करोड़ से अधिक की कोकून

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उधमपुर। कीट पालन में जिला उधमपुर लगातार आगे बढ़ते जा रहा है। सेरीकल्चर विभाग की तरफ से कीट पालकों की कीट पालन में पूरी मदद की जा रही है। इसी का परिणाम है कि 2020-21 वित्त वर्ष में उधमपुर के 5900 से अधिक कीट पालकों ने चार करोड़ से अधिक की कोकून बेची है। सेरीकल्चर विभाग के विकास कार्यो को लेकर आयोजित बैठक में डिस्ट्रिक्ट सेरीकल्चर आफिसर राजीव गुप्ता ने यह जानकारी जिला विकास आयुक्त डॉ. पीयूष सिंगला केे दी।
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उन्होंने बताया कि जिला जिला उधमपुर में 5900 से अधिक परिवार कीट पालन का काम करते हैं। इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। महिलाएं घर का काम करने के साथ कीट पालन का काम करती है। कम समय में अच्छी आमदनी कमाने का कीट पालन अच्छा जरिया है। विभाग की तरफ से इन परिवारों को हर तरह की सहायता प्रदान की जा रही है। विभाग की तरफ से इसकी मंडी लगाई जाती है और विभिन्न राज्यों से व्यापारी उधमपुर में पहुंच कर ही कोकून को खरीद कर चले जाते हैं।
2020-21 वित्त वर्ष में विभाग की तरफ से 4930 औंस कोकून की सीड कीट पालकों में बांटी गई थी। कीट पालकों ने दिन रात मेहनत कर इस सीड से कुल 1.824 लाख कोकून तैयार करने में कामयाबी हासिल की। कीट पालकों को इसकी कुल कीमत 409.448 लाख रुपये मिली। एक कीट पालक को औसतन 8747 की आमदनी कमाई है। सौंथा के रहने वाले कीट पालक कृष्ण लाल ने कुल 76.850 किलो कोकून तैयार कर 74928 रुपये की कमाई की है। कृष्ण लाल हर वर्ष कीट पालन के जरिए 35 हजार रुपये से अधिक कमाता है। उसने अपनी जमीन पर ही 200 से अधिक शहतूम के पेड़ लगाए हैं। विभाग की तरफ से कीट पालकों को हर वर्ष शहतूत के पौधे भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्ळोंने बताया कि हर वर्ष करीब एक लाख पौधे किसानों में वितरित किए जाते हैं।
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