उधमपुर के नगरोटा इलाके में हुआ जलभराव।
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उधमपुर/रामबन। बारिश के दौरान रामबन के पंथयाल, डिगडोल, अनोखी फाल, बैटरी चश्मा इलाके में पहाड़ से पस्सियां व पत्थर गिरने के कारण करीब तीन घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा। बैटरी चश्मा इलाके में पत्थर गिरते समय दो कार चपेट में आ गई। वाहनों को तो नुकसान पहुंचा। जब राजमार्ग बंद हुआ तो वापस आ रहे अमरनाथ यात्रियों के वाहन घंटों फंसे रहे। उधमपुर में भी वाहनों को रोक कर रखा गया।
शनिवार को रामबन में सुबह से ही बारिश जारी थी। सुबह करीब 11 बजे अचानक ही पंथयाल, डिगडोल, अनोखी फाल, बैटरी चश्मा में पहाड़ से पस्सियां व पत्थर गिरने का सिलसिला शुरू हो गया और कुछ ही मिनटों में राजमार्ग बंद हो गया। बैटरी चश्मा में कार नंबर जेके14सी-0617 व एक अन्य कार पर पहाड़ से पत्थर गिरे और दोनों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। अंदर बैठे यात्री सुरक्षित रहे। मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों ने दोनों वाहनों के यात्रियों को बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर ले गए। पुलिस ने राजमार्ग बंद होने की सूचना फोर लेन राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी को दी, जिसके बाद राजमार्ग केे खोलने का काम शुरू कर दिया। राजमार्ग बंद होने पर अमरनाथ यात्रा कर वापस लौट रहे अमरनाथ यात्रियों के वाहन विभिन्न स्थानों पर फंस गए। बारिश होने के कारण यात्री भी अंदर बैठ कर राजमार्ग के खुलने का इंतजार करने लगे। राजमार्ग के बंद होने की सूचना मिलने पर उधमपुर से भी वाहनों के आगे बढ़ने पर रोक लगा दी गई। उधमपुर में रोके गए वाहनों की लंबी कतार लग गई। ट्रकों को पुलिस ने शहर से बाहर बट्टलबालियां, रठियान, मांड, टिकरी में रोक दिया था। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर करीब दो बजे पस्सियां व पत्थर हटाकर राजमार्ग को खोलने में कामयाबी मिली। राजमार्ग खुलने पर पुलिस ने सबसे पहले बीच में फंसे अमरनाथ यात्रियों के वाहनों को जम्मू की तरफ रवाना किया। वहीं उधमपुर से रोक रोक कर वाहनों को घाटी की तरफ रवाना किया गया।
बारिश के बाद सड़क पर बनी जलभराव की समस्या
उधमपुर। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण नगरोटा की मुख्य सड़क पर बनी जलभराव की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। सड़क पर काफी हद तक पानी जमा हो गया है जिसके कारण लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय निवासी कुलदीप शर्मा ने कहा कि बारिश के कारण सड़क पर काफी पानी जमा हो गया है। इसके कारण सभी को दिक्कत हो रही है। बताया कि प्रशासन ने सड़कों पर जल निकासी के उचित प्रबंध नहीं किए हैं। इससे क्षेत्र में हमेशा जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसके साथ ही उधमपुुर के कई अन्य क्षेत्रों के लोग भी बारिश के बाद सड़कों व गलियों में बनी जलभराव की स्थिति से परेशान है। जिसका मुख्य कारण सड़कों व नालियों के किनारे जल निकासी के लिए उचित नालियां की व्यवस्था नहीं की गई है और कई स्थानों पर जल निकासी के लिए नालियां तो बनाई गई हैं। नालियों की सफाई नहीं किए जाने के कारण वो गंदगी के कारण चोक (ब्लाक) हो चुकी है। जबकि बारिश के बाद अब वही गंदगी पानी के साथ सड़कों व गलियों में फैल कर लोगों के लिए परेशानी उत्पन्न कर रही हैं। इसके अलावा नगर की बहुत सी खस्ताहाल गलियों व सड़कों पर बने गड्डे में भी पानी व कीचड़ भर गया है। मुख्य तौर पर सैरगाह रोड, मियां बाग से चरी सयाल रोड़ पर बने गड्ढे में पानी व कीचड भर जाने से लोगों का सड़क से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। नगर के ज्यादातर हिस्सों के लोग बरसात के बाद से ही खस्ताहाल सडकों व जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों पर जलभराव, कीचड़ व फिसलन जैसी समस्याओं को झेल रहें हैं। इसके अतिरिक्त नगर के सैलां तालाब, चबूतरा बाजार, लंबी गली आदि के कुछ हिस्सों में इस समस्या के चलते लोगों को बरसात का पानी घरों व दुकानों में घुसने की समस्या से भी दो-चार होना पड रहा है।