जम्मू श्रीनगर हाईवे पर रामबन जिले में इस प्रकार गिर रहे पहाड़ों से पत्थर।
उधमपुर/रामबन। रामबन के विभिन्न स्थानों पर पहाड़ से पस्सियां व पत्थर गिरने के कारण रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा। हालांकि बीच में कुछ समय के लिए पत्थर व पस्सियों को हटाकर बीच में फंसे अमरनाथ यात्रियों के वाहनों को निकाला गया। लेकिन वाहनों के निकलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग फिर से बंद हो गया। राजमार्ग के बंद होने पर उधमपुर के विभिन्न हिस्सों में वाहनों को रोक कर रखा गया है। पुलिस का कहना है कि इन वाहनों को अब मौसम में सुधार होने पर सोमवार सुबह ही रवाना किया जाएगा।
रामबन के डिगडोल, पंथयाल, बैटरी चश्मा, मारोग व अन्य कई स्थानों पर सुबह करीब छह बजे पस्सियां व पत्थर गिरना शुरू हो गया और राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। राजमार्ग के बंद होने के बाद अमरनाथ यात्रा से वापस लौट रहे अमरनाथ यात्रियों के वाहन बीच में फंस गए। राजमार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं उधमपुर से भी घाटी जाने वाले वाहनों पर आगे बढ़ने पर रोक लगा दी गई। देखते ही देखते उधमपुर में भी रोके गए वाहनों की लंबी कतार लग गई।
वहीं लगातार बारिश के कारण रामबन में राजमार्ग को खोलने का काम देरी से शुरू हुआ। घंटों की मशक्क्त के बाद शाम करीब चार बजे पुलिस को राजमार्ग को अस्थायी तौर पर खोलने में कामयाबी मिली। अस्थायी तौर पर खोलने पर पुलिस ने सबसे पहले बीच में फंसे अमरनाथ यात्रियों के वाहनों को जम्मू की तरफ रवाना किया। अमरनाथ यात्रियों के वाहनों के निकलते ही फिर से पत्थर व पस्सियां गिरने का सिलसिला शुरू और राजमार्ग बंद हो गया। समाचार लिखे जाने तक राजमार्ग बंद था और फोर लेन राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी राजमार्ग को खोलने के काम में जुटी हुई थी। वहीं उधमपुर में रोके गए वाहनों में सवार यात्री व चालकों को दिन भर परेशानियों का सामना करना पड़ा। खाने पीने व शौचालय की सुविधा न मिलने के कारण यात्री दिन भर परेशान रहे। यात्रियों का कहना था कि दिन तो किसी तरह निकाल दिया है, लेकिन अब रात को परेशानियों से जूझना पड़ेगा।