उधमपुर। जीएमसी में कार्डियोलाॅजिस्ट न होने से हृदय रोगियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को इकोकार्डियोग्राम से लेकर हृदय रोग से जुड़ी प्रत्येक जांच के लिए जिले से बाहर जम्मू या फिर प्राइवेट अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है।
जिला अस्पताल को जीएमसी का दर्जा मिलने से उधमपुर की जनता की चिकित्सा सुविधाओं के बेहतर होने को लेकर काफी उम्मीद जगी थी। हालांकि जीएमसी अस्पताल के लिए विभिन्न ब्लॉक से जुड़ी अतिरिक्त इमारत का निर्माण कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है और निर्माण कार्य पूरा होने पर जीएमसी में चिकित्सा सेवाओं के ओर बेहतर होने की आस अभी भी बनी हुई है। मौजूदा समय में पुराने जिला अस्पताल परिसर में ही जीएमसी का संचालन किया जा रहा है। इसमें उधमपुर जिले के दूरदराज इलाकों से मरीज रोजाना उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
ओपीडी के साथ निभा रहे कार्डियोलाॅजिस्ट की भूमिका
मौजूदा समय में जीएमसी में 100 से 150 के करीब ओपीडी में मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से रोजाना 10 के करीब मरीज हृदय से जुड़ी शिकायत लेकर भी पहुंचते हैं। जीएमसी के मेडिसिन विभाग में चिकित्सक विशेषज्ञ के रूप में तैनात डॉ. विवेक शर्मा ओपीडी में मरीजों की जांच करते हैं और कार्डियोलाॅजिस्ट की भूमिका भी निभाते हैं। ओपीडी और वार्डों में रहने वाले मरीजों की जांच व परामर्श देने के साथ जिन हृदय
रोगियों को इकोकार्डियोग्राम या फिर ईसीजी के टेस्ट की जरूरत पड़ती है, उन्हें कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में अपनी सेवाएं भी प्रदान करते हैं। इसके लिए सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार रखा गया है लेकिन मौजूदा समय में वह कुछ दिन की छुट्टी पर हैं। इसकी वजह से अब जीएमसी के पास मरीजों के लिए कोई दूसरा विकल्प भी मौजूद नहीं है।
प्राइवेट में चार गुना महंगा है इकोकार्डियोग्राम का टेस्ट
जीएमसी उधमपुर में कार्डियोलाॅजिस्ट का कोई भी पद नहीं है और न ही किसी की तैनाती की गई है। इसकी वजह से जीएमसी उधमपुर में डॉक्टर न उपलब्ध होने की वजह से मरीजों को जम्मू जाना पड़ता है। हृदय से जुड़ी शिकायत के कारण लोगों को मजबूरन प्राइवेट अस्पताल में इकोकार्डियोग्राम का टेस्ट कराना पड़ता है जोकि सरकारी टेस्ट से चार गुना महंगा होता है। जहां जीएमसी में एक टेस्ट की 450 रुपये फीस ली जाती है, वहीं प्राइवेट में इसकी कीमत दो हजार से 2500 रुपये वसूली जाती है।
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जीएमसी में कार्डियो की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। पीएससी की ओर से जल्द ही गैस्ट्रो, नेफ्रो या फिर कार्डियोलॉजिस्ट से जुड़े तीन असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की जा रही है। अस्पताल में इको और गैस्ट्रो टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है और जरूरत के मुताबिक मेडिसिन विभाग के चिकित्सा विशेषज्ञ अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
-डॉ. मृत्युंजय गुप्ता प्रिंसिपल जीएमसी
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