गोपाष्टमी पर उधमपुर के कारगिल हनुमान मंदिर में गाय की पूजा करती महिलाएं
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उधमपुर। जिले में गोपाष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गौ माता की परिक्रमा कर पूजा की, और अपने परिवार के सुख और समृद्धि की कामना की।
इसके लिए नगर के कारगिल हनुमान मंदिर में विशेष गौशाला भी तैयार की गई थी। जहां काफी संख्या में महिलाओं ने गौ माता को हार पहनाकर चारा खिलाया, और परिक्रमा कर पूजा की। महिलाओं ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार दीवाली के ठीक बाद आने वाली कार्तिक शुक्ल अष्टमी को गोपाष्टमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल अष्टमी के दिन ही मां यशोदा ने भगवान श्री कृष्ण को गाय चराने के लिए जंगल भेजा था।
इस दिन गौ, ग्वाल और भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करने का महत्व है। हिंदू धर्म में गाय को माता का स्थान दिया गया है। कामधेनु के रूप में गाय माता सभी की मनोकामना पूर्ण करती हैं। मृत्यु के पश्चात जीव गाय माता की पूंछ पकड़ कर ही वैतरणी नदी को पार करता है। उन्होंने कहा कि गोपाष्टमी पर गौ माता की विशेष पूजा की जाती है। विशेषतौर पर बछड़े सहित गाय की पूजा करने का विधान है।
धूप-दीप, अक्षत, रोली, गुड़, वस्त्र, जल, आदि से गाय का पूजन और आरती उतारी जाती है। इस दिन गायों को नहला धुला कर खूब सजाया-संवारा जाता है। इसके बाद गाय को चारा, आदि डालकर उनकी परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा करने के बाद कुछ दूर तक गायों के साथ चलते हैं। ऐसी आस्था भी है कि गोपाष्टमी के दिन गाय के नीचे से निकलने वालों को बड़ा पुण्य मिलता है। परिवार की सुख समृद्धि में विशेष वृद्धि होती है।