डोडा। जीएमसी डोडा के डॉक्टर आरिफ और डॉ. बाबर ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शोक व्यक्त किया। डॉक्टरों ने बताया कि लिवर के विशाल हाइडैटिड सिस्ट के इलाज के लिए भर्ती बालिका की सर्जरी के बाद दुखद अंत हुआ। पिता की सहमति से हुई लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सफल रही व सिस्ट निकाला गया।
ऑपरेशन उपरांत अचानक गुर्दे काम करना बंद हो गए। विशेषज्ञ परामर्श के बाद रोगी को एसकेआईएमएस, श्रीनगर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। पिता को स्थिति की पूर्ण जानकारी दी गई। स्थानांतरण के दौरान एम्बुलेंस में हृदय गति रुकने से बच्ची की मृत्यु हो गई।
जीएमसी प्रशासन ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। लीवर सिस्ट सर्जरी के जोखिमों (एनाफिलेक्सिस/अंग विफलता) को स्वीकारते हुए किसी भी जाँच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।