लगातार बढ़ रही जनता की समस्याएं, सेहत और कारोबार भी खतरे में
- सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। लगातार 13 दिन से चल रही नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह के बेपटरी हो चुकी है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं और दुर्गंध से लेकर परेशान हो रहे हैं।
इससे डेंगू, डायरिया, चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। उधर गंदगी के कारण शहर के बाजारों में कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। जिससे कारोबारी भी परेशान हैं और लगातार सरकार से सफाई कर्मचारियों की मांगों को पूरा कर समस्या से राहत दिलाने की मांग कर रहे हैं। उधर सरकार की तरफ से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को खत्म करवाने के लिए अभी तक कोई भी सकारात्मक संकेत नहीं दिया जाना समस्या को बढ़ा सकता है।
शहर में रोज लगभग 22 टन कचरा निकलता है
नगर परिषद के मुताबिक शहर के सभी 21 वार्डों से रोजाना लगभग 22 टन कचरे का उत्सर्जन होता है। हड़ताल के बाद इसमें से लगभग आठ टन के आसपास कचरा डोर टू डोर कचरा संग्रहण सेवा के माध्यम से लोगों के घरों से उठा लिया जाता है। लेकिन गलियों-सड़कों और चौक चौराहों का शेष कचरा बीते 13 दिन से लगातार शहर में जमा हो रहा है। इस हिसाब से 13 दिन में अब तक शहर के भीतर करीब 150 टन से अधिक कचरा जमा हो चुका है। शहर के रामनगर चौक, सैलां तालाब चौक, सैलां तालाब मेटाडोर स्टैंड, बाडेयां, आदर्श कालोनी, बस अड्डा, दोमेल, शक्ति नगर, शिव नगर इत्यादि में जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े अंबार लग चुके हैं।
लगातार बढ़ रही समस्या, नहीं दिख रहा समाधान
काम छोड़ हड़ताल से शहर में सफाई व्यवस्था की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। खासकर बरसात के सीजन में यह समस्या शहरवासियों की सेहत के लिए भी गंभीर खतरा बन गई है। बढ़ती समस्या और दुर्गंध के चलते कारोबारी भी परेशानी में आ गए हैं। उनके लिए दुर्गंध के कारण दुकानों पर बैठना तक मुश्किल होने लगा है। आटे वाली गली, गुरुद्वारा गली, लंबी गली इत्यादि अति व्यस्त बाजारों में कचरे के ढेरों के कारण ग्राहकों की आवाजाही तक मुश्किल हो रही है।
हड़ताली कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी
वहीं अपनी लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को 13वें दिन भी सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय परिसर में जमा होकर प्रदर्शन किया। यूनियन के प्रधान डेविड संधू ने बताया कि हम मांगों को लेकर लिखित में मंजूरी मिलने पर भी हड़ताल खत्म करने का तैयार थे लेकिन सरकार जिद पर अड़ चुकी है। इसलिए अभी हमने भी यही ठाना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल को जारी रखेंगे।