संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। सरकार की ओर से महिलाओं को फ्री ई-बस सेवा का तोहफा दिया गया था लेकिन मौजूदा समय में आए दिन महिलाओं व ई-बस चालक व सहचालकों के झगड़े के मामले सामने आ रहे हैं।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक महिला ने एक बुजुर्ग महिला को थप्पड़ मार दिया था जो उसकी सास की उम्र की थी। दूसरी ओर कुछ दिन पहले नगरोटा पंजग्राई में भी कुछ लड़कियों द्वारा बस के चालक को थप्पड़ मारने के साथ ही सहचालक के कपड़े फाड़ दिए थे जिसके चलते मामला पुलिस स्टेशन में पहुंचा था। ई- बस चालकों ने हड़ताल कर दी थी। हालांकि महिलाओं को इस ई- बस सेवा फ्री दी गई है लेकिन जो पुरुष इस बस में सफर करते है उनसे किराया लिया जाता है।
इस संदर्भ में समाज सेवी अरुण कुमार का कहना था कि जब से सरकार ने महिलाओं को ई-बस सेवा फ्री की है तब से ही आए दिन लड़ाई झगड़े के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि बीपीएल परिवार व दिव्यांग महिलाओं को बस सेवा फ्री मिलनी चाहिए। क्योंकि आम महिलाओं को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि जो महिलाएं सरकारी कर्मचारी है और एक लाख रुपये तक का वेतन ले रही है वह भी इस फ्री बस में सफर करने के लिए एक घंटे तक खड़े होकर बस के आने का इंतजार करती है। जिस कारण आम महिलाओं को बस में बैठने के लिए जगह तक नहीं मिलती है।
उन्होंने कहा सरकार से फ्री बस सेवा के लिए श्रेणी बनाने की मांग की है जिसमें सिर्फ बीपीएल परिवार व दिव्यांग महिलाओं को यह फ्री बस सेवा मुहैया करवाई जाए।