उधमपुर। प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा तो दी गई है लेकिन जिले के दूरदराज इलाकों में योजना धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है। वर्तमान में यह सेवा केवल उधमपुर से रामनगर मार्ग तक सीमित है। इस कारण अन्य महत्वपूर्ण और पिछड़े क्षेत्रों की हजारों जरूरतमंद महिलाएं सुविधा के लाभ से वंचित हैं।
एक समय में एसआरटीसी की बसें रामनगर के साथ-साथ बसंतगढ़ तक भी चलती थीं। पिछले वर्ष हुई भारी बारिश के कारण सड़क खराब होने पर बस सेवा को बंद कर दिया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब सड़क की मरम्मत हो चुकी है और तारकोल भी बिछा दिया गया है लेकिन बस सेवा को अभी तक बहाल नहीं किया गया। उधमपुर पश्चिम के मोंगरी, पंचैरी, लांदर, रामनगर के डुडु चिनैनी के लाटी, मानतलाई, पूर्वी उधमपुर के खून, मजालता और मानसर में बस सुविधा शुरू नहीं हो पाई।
जनप्रतिनिधियों ने प्रस्ताव भेजे हैं लेकिन संसाधनों की कमी आड़े आ रही है। रामनगर के विधायक सुनील भारद्वाज ने बताया कि वाया रामनगर होते हुए रांगब्लांद, धीरनब्रेंता, लडाना, चनुंनता, नगरोटा, पंजग्रांई, घोरडी, चौकी और बसंतगढ़ जैसे छह प्रमुख मार्गों के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। इन रूटों पर बसें चलने से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। उधमपुर पश्चिम के विधायक पवन गुप्ता ने भी बताया कि बस सेवा के विस्तार के लिए प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन बसों की कमी के कारण इसे अभी शुरू नहीं किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही अतिरिक्त बसें उपलब्ध होंगी तो अन्य रूटस पर भी सेवा का विस्तार किया जाएगा। फिलहाल लोगों को इस योजना के पूर्ण लाभ के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।