उधमपुर। नौ दिन से गंदगी न उठाए जाने के कारण देविकानगरी उधमपुर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गया है। शहर के कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां पर लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। मीट मार्केट के पास लगे डंपिंग स्टेशन से तो दुकानदारों का काम प्रभावित होने लगा है। शहर में गंदगी के लगे ढेर का प्रमुख कारण सुई में स्थानीय निवासियों की तरफ से गंदगी नहीं फेंकने देना है। गंदगी बढ़ने के साथ नगर परिषद की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
उधमपुर शहर से हर रोज 25 से 30 टन गंदगी निकलती है और नगर परिषद के सफाई कर्मचारी इसको इकट्ठा कर शहर से बाहर सुई इलाके में जमा कर देते हैं। करीब दो वर्ष से इस स्थान पर गंदगी को जमा किया जा रहा था और करीब एक वर्ष तक किल वेस्ट के जरिए सूखी गंदगी का निस्तारण किया गया। कर्मचारियों की कमी के कारण किल वेस्ट बंद कर दिया गया। ऐसे में गंदगी के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। मौजूदा समय में करीब 20 हजार टन से ज्यादा गंदगी सुई में जमा है। अब यह गंदगी स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है और स्थानीय निवासी गंदगी फेंकने नहीं दे रहे हैं। नौ दिन से शहर से निकलने वाली गंदगी शहर में ही जमा हो रही है और नगर परिषद बाहर नहीं फेंक पा रहा है। मौजूदा समय में शहर में करीब 250 टन गंदगी जमा हो चुकी है और शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। अब शहर में हर तरफ गंदगी के ढेर लगे नजर आ रहे हैं। कई मार्ग तो अब ऐसे हैं, जहां शहरवासियों के लिए गुजरना मुश्किल होता जा रहा है। कूढ़ा निस्तारण के लिए शहरवासियों ने अब पार्षदों व नगर परिषद चेयरमैन से मांग करना शुरू कर दिया है। पार्षदों के लिए अब शहरवासियों को जवाब देना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं ईद को लेकर दो दिन की सरकारी छुट्टी के चलते प्रशासन व नगर परिषद इस परेशानी को दूर करने के लिए कोई बैठक नहीं कर पा रहे हैं। मंगलवार को इसको लेकर आयोजित होने वाली बैठक में कोई हल निकलने की संभावना है।