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दूसरे दिन भी आग बुझाने में जुटी रहीं दमकल टीमें

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उधमपुर। औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री में लगी आग शनिवार को भी पूरी तरह से नहीं बुझ सकी है। दमकल विभाग की टीमें दिन भर मौके पर मौजूद रह कर आग बुझाने का प्रयास करती रही। अभी तक फैक्ट्री के अंदर से धुंआ निकलता हुआ देखा जा सकता है। वहीं फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि फैक्ट्री में हादसे के बाद उनका वेतन भी रुक गया है। उनकी मांग है कि जब तक फैक्ट्री दोबारा शुरू नहीं होती है तब तक नियमित रूप से वेतन दिया जाना चाहिए। हालात का जायजा लेने के लिए व्यापार मंडल की टीम भी मौके पर पहुंची थी।
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गौरतलब है कि वीरवार देर रात को पैस्टीसाइड फैक्ट्री में लग गई थी और इस भीषण में फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा जलकर राख हो गया था। इस आग पर काबू पाने में जब दमकल विभाग को कामयाबी नहीं मिली तो प्रशासन ने सेना व एयर फोर्स से इसके लिए मदद मांगी थी। एयरफोर्स के हेलीकाप्टर ने मानसर झील से पानी भर कर फैक्ट्री पर डाला था। इससे आग पर कुछ हद तक काबू पाने में मदद मिली थी। हालांकि अभी आग पूरी तरह से नहीं बुझ सकी है। फैक्ट्री के बेसमेंट में रखे कैमिकल में अभी भी आग लगी हुई है। बेसमेंट तक पहुंचना दमकल विभाग के लिए बहुत मुश्किल है। इसलिए शनिवार को भी फैक्ट्री से सुबह से शाम तक धुंआ निकलता रहा। दमकल विभाग की टीमें अभी भी फैक्ट्री के बाहर मौजूद रह कर लगातार निगरानी का काम कर रही है। फैक्ट्री के अंदर से धुआ लगातार निकल रहा है। दमकल विभाग के अनुसार अब खतरे की कोई बात नहीं है।
वहीं शनिवार को फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी भी फैक्ट्री में पहुंच गए थे और सभी अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। कर्मचारियों ने कहा कि एक जून के बाद उनको वेतन मिलना था, लेकिन इस हादसे के बाद उनको वेतन की भी चिंता सताने लगी है। उनको पता नहीं है कि अब वेतन मिलेगा की नहीं। इसके साथ अब आने वाले दिनों में काम को लेकर भी चिंतित है। कोरोना संकट के कारण पहले से ही परेशान थे तो अब परेशानी दुगनी हो गई है। उनकी मांग है कि जब तक फैक्ट्री दोबारा से शुरू नहीं हो जाती है, तब तक उनको वेतन मिलते रहना चाहिए। हालात का जायजा लेने पहुंची व्यापार मंडल की टीम का कहना था कि फैक्ट्री के इंश्योरेंस का क्लेम जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि फैक्ट्री जल्द शुरू हो और कर्मचारियों को राहत मिले।
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