देविका किनारे खुले प्वांइट से फेंका जा रहा कूड़ा, लोग मानने को तैयार नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। देविका नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने में प्रशासन सहित विभिन्न सामाजिक संगठन प्रयासरत हैं। वहीं, आबादी वाले क्षेत्रों के लोग घरों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों का कचरा नदी में फेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं।
इसके लिए विभाग ने एक निगरानी कमेेटी का भी गठन किया है, मगर 5 किलोमीटर तक फैले क्षेत्रफल में पूरी तरह से नजर रख पाना संभव नहीं है। जिसके चलते नगर परिषद की ओर से उन प्वांइटस की तलाश की जा रही हैं, जहां पर देविका नदी किनारे खुली पड़ी सरकार व गैरसरकारी सरकारी जमीनों के साथ देविका नदी किनारे फैंसिंग कर समस्या का समाधान किया जा सके। गौरतलब है कि प्रशासन की ओर से एचएच चौक स्थित पुल के दोनों ओर फेंसिंग करवाई गई है। खासकर पुल के बीच में पड़ते गैप को भी बंद करने के लिए भी जंगला लगाया गया है।
नगर परिषद की ओर से शहर में डाेर-टू-डोर कूड़ा जमा करने के लिए वाहन एवं कर्मी तैनात किए हैं। इसके बावजूद लोग देविका में कूड़ा फेंक देते हैं। लोगों को चाहिए अगर किन्हीं कारणों की वजह से गाड़ी नहीं आती है या फिर घराें में कूड़ा अधिक निकलता है तो उसे अपने घर या प्रतिष्ठान के बाहर इकट्ठा करके रख दें। ताकि कूड़ा लेने आने वाले कर्मी कभी भी कूड़ा वाहन पर डालकर अपने साथ ले जाएं। इससे देविका को गंदगी से मुक्त करने में जनता का भी सहयोग मिल पाएगा और प्रशासनिक कार्रवाई से भी बचा जा सकेगा। -महेश बनाथिया, सोशल वर्कर
देविका किनारे जिन स्थानों पर कूड़ा जमा होने या फिर देविका में कूड़ा फेंकने की अधिक समस्या उत्पन्न हो रही है, उन प्वांइट का चयन किया जा रहा है। इसके लिए विभाग की टीम में शामिल खिलाफवर्जी इंस्पेक्टर, सुपरवाइजर व अन्य क्षेत्र का सर्वे कर रहे हैं। शहरवासियों एवं समाज सेवी संगठनों का भी सहयोग लिया जा रहा है, ताकि अगले प्लान में रखकर उन क्षेत्रों में फेंसिंग करवाई जा सके।
-नितिन गुप्ता, सीईओ नगर परिषद