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पांडवों का अज्ञातवास स्थल पर्यटकों की पहुंच से दूर

Sun, 09 Oct 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/उध्ामपुर
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डेमो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सालों से पर्यटन मानचित्र पर होने के बावजूद उधमपुर के क्रिमची स्थित पांडव मंदिर पर्यटकों के लिए तरस सहे हैं। पर्यटकों को लुभाने के सारे गुण होने के बाद भी पांडव मंदिर पर्यटकों को अपनी ओर नहीं खींच पा रहा है। इसका मुख्य कारण है पर्यटन विभाग की अनदेखी।
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बता दें कि इन्हीं पांडव मंदिर में पांडवों द्वारा अज्ञात वास का लंबा समय गुजारा गया। जिस जगह पर कभी अज्ञातवास का लंबा समय गुजारा गया, वह स्थान आज भी पर्यटकों के लिए अज्ञात है। उधमपुर से केवल आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित पांडव मंदिर पर्यटकों के इंतजार में वीरान पड़ा है। हालांकि पांडव मंदिर को कई साल पहले से राज्य सरकार द्वारा पर्यटन मानचित्र में लाया गया।

मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए भी कुछ बागीचों का निर्माण किया गया, पर पर्यटन की दृष्टि से जिस तरह का काम इस क्षेत्र पर करने की आवश्यकता थी, उसे पूरी तरह से नजरंदाज कर दिया गया। पांडव मंदिर की ओर जाने वाली सड़क की खस्ता हालत के कारण वहां तक पहुंचने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मंदिर का आखिरी पांच सौ मीटर का पैदल सफर भी पर्यटकों के न आने का एक कारण है।
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पैदल कच्चे रास्ते में बड़े-बड़े पत्थर पर्यटकों की राह का रोड़ा बने हुए हैं। कुल मिलाकर पांडव मंदिर मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह से वंचित हैं। हालांकि पर्यटन विभाग द्वारा वहां पर बोर्ड बनाकर मंदिर में प्रवेश के लिए टिकट लगाई गई है, पर उससे पर्यटन विभाग को नाममात्र ही आय होती है।
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