उधमपुर। बाजार के अंदर नगर परिषद और प्रशासन की तरफ से अतिक्रमण को लेकर तो सख्त कदम उठाए गए हैं, लेकिन बिगड़ी यातायात व्यवस्था के चलते लोगों को जीना हराम हो चुका है। बाजार के विभिन्न हिस्सों में हर रोज जाम लगता है। कई इलाकों में अब हर दस मिनट के बाद जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। शहरवासियों ने प्रशासन और नगर परिषद से नो इंट्री मार्ग पर भी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।
करीब एक पखवाड़े से डीसी इंदु कंवल चिब और नगर परिषद के अधिकारी बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान छेड़े हुए हैं। दुकानदारों को अब केवल डेढ़ फुट तक सामान रखने की अनुमति मिली है। इससे बाहर सामान बाहर रखने पर कार्रवाई की जा रही है। इससे गोल मार्केट में अतिक्रमण पर अंकुश लगाने के काफी हद तक कामयाबी मिली है। इससे यातायात व्यवस्था में भी सुधार हुआ है, लेकिन बाजार के कई हिस्सों में यातायात अभी भी बुरी तरह से प्रभावित है। विशेष तौर पर कोर्ट रोड, मुखर्जी बाजार और मेन बाजार में दिन में कई बार जाम की स्थिति बनती है। रामनगर चौक से मुखर्जी बाजार की तरफ नो एंट्री है। नो इंट्री में तीन और चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा कर रखा गया है। लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग नो एंट्री में वाहनों को लेकर चले जाते हैं और फिर इससे जाम की स्थिति बन जाती है। इसी तरह से लाल चौक से मेन बाजार की तरफ नो इंट्री है। यहां से भी पुलिस की मौजूदगी में कुछ लोग वाहन लेकर चले जाते हैं और फिर जाम की स्थिति बन जाती है।
जाम लगने पर अस्पताल जाने वाले लोग होते हैं परेशान
मुखर्जी बाजार में जाम लगने पर जिला अस्पताल जाने वाले मरीज भी परेशान होते हैं। जिला अस्पताल जाने के लिए शार्ट रास्ता मुखर्जी बाजार से होकर जाता है। मुखर्जी बाजार पर जाम लगने पर मरीजों भी जाम में फंस जाते हैं और फिर जाम खुलने का लंबा इंतजार करना पड़ता है।
जाम की समस्या को हल करने को प्रयास करे प्रशासन
विनोद कुमार, आकाश कुमार व अन्य शहरवासियों ने कहा कि बाजार के अंदर हर रोज लगने वाले जाम के कारण उनके काम पर भी असर पड़ रहा है। जाम का मुख्य कारण यातायात नियमों का पालन न करना है। चंद लोग यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, जिससे लोगोें को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।