- 194 करोड़ की लागत से जिला के पहाड़ी व दूरदराज के क्षेत्रों में आ रही बिजली की समस्या का होगा समाधान
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जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिले के दूरदराज व पहाड़ी क्षेत्राें में पेड़ों के साथ तार बांध कर बिजली की आपूर्ति की जा रही है। बरसात के मौसम में यह खतरे से खाली नहीं। वहीं बिजली के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने व सिंगल फेस समस्या का समाधान करने के लिए नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन की 194 करोड़ की परियोजना पर अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
बता दें कि एक साल पहले यह परियोजना मंजूर हुई थी लेकिन इस प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से जिला के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आ रही बिजली की समस्या से निजात मिलनी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगोें की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
इस परियोजना से जिले के रामनगर, बसंतगढ़, सत्यालता, लाड़, पंचैरी, मौंगरी, लांदर सहित कई दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में आ रही बिजली की समस्या से लोगों को राहत मिलनी थी।कई पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए पेड़ों से तार बांध कर आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों के मवेशी करंट की चपेट में आने से घायल हो चुके हैं लेकिन विभाग की ओर से अभी तक इस परियोजना पर काम शुरू नहीं किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए जाने थे खंभे और नए ट्रांसफार्मर
इस परियोजना के चलते जहां नए खंभे लगने थे वहीं, पुराने बिजली के ट्रांसफार्मरों को बदलकर नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने थे। इतना ही नहीं ट्रांसफार्मरों की क्षमता को भी बढ़ाया जाना था कि ताकि जिन क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या आ रही थी उन क्षेत्रों के लोगों की भी समस्या दूर हो सके। जिले में में करीब 1.50 लाख बिजली कनेक्शन हैं, जिसमें से 39 हजार कनेक्शन शहर में हैं। बाकी सभी कनेक्शन जिला के दूरदराज व पहाड़ी क्षेत्रों में हैं। इस परियोजना के तहत पुराने तार बदले जाने थे। 100 वाट की क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाकर नए ट्रांसफार्मर लगने थे। 15 हजार के करीब नए खंभे लगाए जाने थे।
हर समय हादसा होने का डर
आए दिन बारिश हो रही है। उसके चलते पेड़ों से बांधे गए तार लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। गौरतलब है कि अभी भी जिले के लाड़, बसंतगढ़ के दूरदराज के इलाके व पंचैरी सहित कई पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली के तार मौजूदा समय में भी पिछले कई सालों से पेड़ों से बंधी हैं, जिस कारण हवा चलने पर बिजली की आपूर्ति बाधित होती है। इतना ही नहीं कई क्षेत्रों में पेड़ों से बांधे गए तार जमीन पर लटक रहे हैं जिसके चलते हादसा होने का डर लोगों को बना रहता है। घोरड़ी ब्लॉक में पड़ते सत्यालता, सेर मंजा, सेर बाला, लाड़, और डुडू-बसंतगढ़, व तहसील पंचैरी में पड़ते कुछ क्षेत्रों में इस प्रोजेक्ट के तहत नए खंभे लगाए जाने हैं।
कोट..
जिले के ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्रों में नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन की ओर से 194 करोड़ की लागत से पुराने तार बदलने के साथ ही नए तार डालने, खंभे व ट्रांसफार्मर लगाए जाने वाले प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि एक-दो महीने में प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-सुनील पंडोह, एक्सईएन, बिजली विभाग, उधमपुर
रिपोर्ट, परवेज खान