उधमपुर। प्राइमरी हेल्थ सेंटर घोरडी में स्टाफ की कमी के कारण ग्रामीणों को जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों को पीएचसी में मामूली सी दवा भी बाहर की दुकान से खरीदनी पड़ रही है। सुविधाएं न मिलने के करण ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए शहर में जिला अस्पताल में पहुंचना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने पीएचसी में स्टाफ की कमी की समस्या को कभी गंभीरता से नहीं लिया है।
सुनील कुमार, गणेश कुमार, लेख राज व अन्य कई ग्रामीणों ने बताया कि पीएचसी घोरडी में ग्रामीणों को किसी तरह की सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। पीएचसी में जब कोई बीमार पहुंचता है तो उसको सस्ती से सस्ती दवा भी बाहर दुकान से खरीदनी पड़ती है। पीएचसी में किसी तरह की दवाई मरीजों को नहीं दी जा रही है। इंजेक्शन लगाने वाली सीरींज व नीडल भी ग्रामीणों को बाहर दुकान से खरीदनी पड़ रही है। जबकि यह सब सुविधाएं पीएचसी के अंदर निशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके अलावा के पीएचसी में एक भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं किया गया है। पीएचसी नेशनल हेल्थ मिशन के डॉक्टरों के भरोसे चल रही है। पीएचसी घोरडी में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए 31 पदों को मंजूरी दी गई है, लेकिन करीब 15 पद कई वर्षों से खाली पड़े हैं। ज्यादातर स्टाफ नेशनल हेल्थ मिशन के तहत ही लगाया गया है। जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने मजबूरन ग्रामीणों को उपचार के लिए 40 किलोमीटर का सफर करके शहर पहुंचना पड़ रहा है। पीएचसी में स्टाफ की कमी व अन्य सुविधाएं न मिलने के कारण करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित है।