उधमपुर। जम्मू और कश्मीर की घटती सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और संरक्षण के मूल्यों को विकसित करने और छात्रों को उनकी मौजूदा सांस्कृतिक विरासत के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने के लिए और वास्तविक दुनिया के अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से महिला डिग्री कालेज के इतिहास विभाग और विरासत क्लब ने छात्रों के लिए अमर महल और जंबो चिड़ियाघर, जम्मू में एक दिवसीय फील्ड विजिट का आयोजन किया। जिसमें बीए सेमेस्टर 4 और 6 के लगभग 75 छात्र और 10 संकाय सदस्यों ने भाग लिया।
यात्रा कॉलेज से शुरू हुई और प्राचार्या डॉ. नलिनी पठानिया ने कॉलेज के वरिष्ठ संकाय सदस्यों के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सबसे पहले छात्रों ने अमर महल संग्रहालय और पुस्तकालय का दौरा किया। जहां एएमएमएल के एक कार्यकारी ने छात्रों को महाराजा गुलाब सिंह से लेकर महाराजा हरि सिंह तक डोगरा शासकों के इतिहास और विरासत के बारे में जानकारी दी। छात्रों ने कई पहाड़ी लघुचित्रों, कांगड़ा और बशोली पेंटिंग और महाराजा हरि सिंह के 120 किलोग्राम वजन वाले स्वर्ण सिंहासन के अलावा डोगरा संस्कृति और विरासत से संबंधित विभिन्न कलाकृतियों को देखा। पुस्तकालय में 25000 प्राचीन पुस्तकें, कई दुर्लभ कला संग्रह और शाही परिवार के चित्रों का एक बड़ा संग्रह भी देखने का मौका मिला। छात्रों को जंबो चिड़ियाघर ले जाया गया और चिड़ियाघर के पुष्प और जीव-जंतुओं की सुरम्यता से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संबंधित संकाय विशेष रूप से इतिहास विभाग के प्रमुख प्रोफेसर यश पॉल द्वारा संबंधित सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध करने के लिए क्षेत्र के दौरे के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, शैक्षणिक दौरे छात्रों को शैक्षणिक उत्कृष्टता, व्यक्तिगत विकास और पर्यावरण प्रबंधन को बढ़ाने के अवसर भी प्रदान करते हैं। विद्यार्थियों के साथ आए स्टाफ सदस्य में प्रोफेसर शमा रानी, प्रोफेसर पूजा भारती, डॉ. मुजफ्फर ए. खांडे, डॉ. जुबेर राथर, डॉ. उमर ए. खांडे, डॉ. रिफतआरा आदि मौजूद थे।