उधमपुर। सरकार लोगों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए जागरूक कर रही है, लेकिन जिला में पड़ते 11 जोन में सरकारी स्कूलों का बंद किया जाना विभाग के बड़े बड़े दावों की पोल खोल रहा है।
जिले में कुछ महीने पहले तक 1515 स्कूल थे। स्कूलों में बच्चों की संख्या न मात्र होने की वजह से जिले के 11 जोन में 88 स्कूलों को बंद कर दूसरे स्कूलों में मर्ज कर दिया गया। इसके चलते मौजूदा समय में जिले में स्कूलों की संख्या घटकर 1427 रह गई है। विभाग के मुताबिक जिन स्कूलों को बंद किया गया है उन स्कूलों में बच्चाें की संख्या न के बराबर थी। जिसके चलते उन स्कूलों को बंद कर वहां पर लगाए गए शिक्षकों को भी दूसरे स्कूलों में मर्ज कर दिया गया।
जिन 11 जोन में बंद किए गए स्कूल
1.बबे 8
2.चिनैनी 8
3.डूडु 10
4.घोरड़ी 10
5.जिब -4
6.कुलवंता 5
7.मजालता 11
8.पंचैरी 2
9.रामनगर 13
10.टिकरी -8
11.उधमपुर 9
कुल संख्या - 88 स्कूल बंद
बच्चों को 2 किमी दूर स्कूल में जाने में हो रही परेशानी
गरनई में रहने वाले शौकत अली, गुलाम रसूल, जनक सिंह, रवींद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में प्राइमरी स्कूल को बंद किए जाने के बाद बच्चों को डेढ़ से दो किलोमीटर दूसरे स्कूल में जाना पड़ रहा है। इससे काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि जिस समय स्कूल को बंद किया गया था उस समय स्कूल एक ही कमरे में चल रहा था, उसमें सिर्फ तीन ही बच्चे पढ़ रहे थे, जबकि 2 शिक्षक थे। इसी तरह से जिले के अलग अलग क्षेत्रों में भी स्कूल बंद होने के चलते बच्चों को 2 किलोमीटर दूर के स्कूलों में जाना पड़ रहा है।
कोट
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जिले में कई ऐसे स्कूल थे जहां पर बच्चों की संख्या न के बराबर थी, जिसके चलते उन स्कूलों को दूसरे हाई व मिडिल स्कूलों में मर्ज कर दिया गया। उन स्कूलों में लगे शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेज दिया गया जहां पर शिक्षकों की बहुत जरूरत थी।
-नरेंद्र मोहन सूरी, सीईओ
रिपोर्ट, परवेज खान