- 45 टाइटल में से 33 पहुंचे, 12 अन्य भी आएंगे जल्द
- पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को इस बार नहीं आएगी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शिक्षा विभाग की ओर से इस बार पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों की किताबें जिला के 11 जोन के सरकारी स्कूलों में भेज दी गई हैं। यह कवायद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए की गई है। नया सत्र शुरू होने से पहले ही विभाग ने किताबें उपलब्ध करवा दी हैं।
हालांकि पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के 45 टाइटल होते हैं जबकि अब तक 33 टाइटल आ गए हैं जबकि 12 टाइटल भी सत्र शुरू होने से पहले आ जाएंगे। वहीं जो किताबें आ गई हैं वह बच्चों को सत्र शुरू होते ही दे दी जाएंगी जबकि इस बार जो किताबें अभी नहीं नहीं पहुंच पाई हैं उसके लिए स्कूल में बैंक बनाकर पुरानी किताबों को भी जमा किया गया है। ताकि बच्चे जब तक नई किताबें नहीं आती हैं तब तक पुरानी किताबों से वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
पिछले साल सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को किताबें न मिलने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। खासतौर पर आठवीं कक्षा के बच्चों को कुछ विषयों के टाइटल देर से मिलने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई थी। जिले के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक 53 हजार 875 बच्चे पढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि एक अप्रैल से नया सत्र शुरू होने वाला है जिसके चलते इस बार विभाग की ओर से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो उसके लिए यह प्रयास किए गए हैं। हालांकि कुछ कक्षाओं के विषय के टाइटल अभी नहीं पहुंचे हैं। लेकिन ज्यादातर किताबें स्कूलों में पहुंच गई हैं।
कक्षा विषय टाइटल नहीं आए
. पहली कक्षा 4
. दूसरी कक्षा 4
. तीसरी कक्षा 5
. चौथी कक्षा 5 इंग्लिश
. पांचवीं कक्षा 5 इंग्लिश
. छठीं कक्षा 8
. सातवीं कक्षा 8 गणित
. आठवीं कक्षा 6 गणित, सोशल साइंस
कुल टाइटल 45 हैं जबकि स्कूलों में 33 टाइटल पहुंच गए हैं जबकि 12 टाइटल भी सत्र शुरू होने से पहले आने की उम्मीद है।
हालांकि चौथी कक्षा, सातवीं कक्षा व आठवीं कक्षा के एक एक टाइटल नहीं आया है जिसके लिए विभाग की ओर से यही प्रयास किए जा रहे हैं कि सत्र शुरू होने से पहले पहुंच जाए और बच्चों को सभी किताबें सत्र शुरू होते ही मिल जाए।
कोट....
पिछली बार बच्चों को किताबें देरी से मिली थीं। लेकिन इस बार विभाग की ओर से यही प्रयास किए गए हैं सत्र शुरू होने से पहले ही स्कूलों में किताबें पहुंच जाएं। 11 जोन में पड़ते पहली कक्षा से लेकर आठवीं तक के स्कूलों में बच्चों की किताबें भेज दी गई हैं।
- कमल किशोर बड़याल, मुख्य शिक्षा अधिकारी