- आसमान में लहराते लाल रंग के गोलों की हो रही बरसात,
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। पाकिस्तान की तरफ से उधमपुर के सैन्य क्षेत्रों को निशाना बनाकर किए गए हवाई ड्रोन अटैक को भारतीय सेना ने पूरी तरह से नाकाम कर दिया। कहीं भी किसी तरह का कोई नुकसान इस हमले से नहीं हुआ। हमला होने और इसे नाकाम करने की यह कार्रवाई रात करीब दो घंटे तक जारी रही और पूरे शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आसमान में लहराते लाल रंग के गोलों की बरसात होती रही। इस बीच शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना रहा।
रात को 8 बजे के करीब ब्लैक आउट के बाद धमाकों की जोरदार आवाज और आसमान में लहराते एयर डिफेंस सिस्टम को गोलों को देखकर लोग घरों के बाहर निकल आए। अचानक हुए इस हमले की शुरूआत में तो लोगों को कुछ समझ ही नहीं आया कि आखिर हो क्या रहा है लेकिन चंद मिनट में ही ड्रोन हमले की बात पता चली तो सभी सहम गए।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक रात करीब साढे 8 बजे शुरू हुआ हमला रात लगभग साढ़े 10 बजे तक जारी रहा। इस बीच पाकिस्तान की तरफ से सैन्य क्षेत्रों को निशाना बनाकर दर्जनों ड्रोन दागे गए थे जिन्हें हमारे भारतीय जवानों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम से हवा में ही मार गिराया। लोगों को जब इस पूरी सच्चाई का पता चला तो सोशल मीडिया पर भारत माता की जय और भारतीय सेना जिंदाबाद के नारों के साथ अपने सैन्य शौर्य पर गर्व जी भर गर्व भी जताया।
रातभर गुल रही बिजली, हमले के बाद भी दहशत में रहे लोग
ड्रोन हमले को लेकर किए गए ब्लैक आउट के चलते शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रातभर बिजली बंद रही। ड्रोन हमले को भारतीय सेना ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम से पूरी तरह से नाकाम कर दिया। लेकिन इसके बाद भी अगले हमले के अंदेशे को लेकर लोगों में खौफ बना रहा। लोग खिड़कियों और दरवाजों से झांककर बाहर के हालात पर नजर रखते रहे।
ब्लैक आउट में बाधा दूर करने के लिए खंभा ही उखाड़ डाला
ड्रोन हमले से बचाव को लेकर किए गए ब्लैक आउट का लोगों ने पूरी सतर्कता से पालन किया लेकिन शहर के समीप बरयाल गांव में रिहायशी क्षेत्र में लगी एक सोलर स्ट्रीट लाइट जब कई बार प्रयास के बाद भी बंद नहीं हुई तो, तो हमले के खतरे से घबराएं लोगों ने मजबूरी में
पूरा खंभा ही उखाड़ की जमीन पर धराशायी कर दिया। गांव वालों ने कहा कि लोगों ने अपने घरों की सभी तरह की रोशनी तो बंद कर दी थी लेकिन बाहर लगी सोलर स्ट्रीट लाइट बंद नहीं होने से खतरा बढ़ गया था।
मोबाइल पर हालचाल पूछते रहे लोग
ड्रोन हमले के चलते फैली अफरातफरी के बीच लोगों को अपने दोस्तों रिश्तेदारों की चिंता भी सताती रही। लोग एक दूसरे को फोन कर कुशलक्षेम पूछते रहे और हालात में धैर्य बनाए रखने और सतर्क रहने की हिदायत देते रहे।
हमले को लेकर नहीं था अलर्ट, मच गई अफरातफरी
संभावित हमले को लेकर शहर में ब्लैक आउट किया गया था लेकिन लोगों को इस तरह के किसी हमले की आशंका नहीं थी। बाजार खुले थे और लोग खरीददारी कर रहे थे लेकिन जब साढ़े 8 बजे के करीब अचानक हमले की कार्रवाई शुरू हुई तो शहर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। लोग फौरन घरों की तरफ भाग गए।
सुबह हमले की खूब हुई चर्चा, सामान्य बने रहे हालात
रात को हुए हमले को लेकर सुबह चर्चा तो खूब हुई लेकिन दिनभर शहर के हालात सामान्य बने रहे। बाजारों में चहल पहल आम दिनों की तरह बनी रही। गाड़ियां भी अपने समयानुसार चलती रहीं। सरकारी कार्यालय और अन्य कामकाज भी सामान्य रूप से जारी रहे। किसी तरह का कोई डर अथवा चिंता का माहौल नजर नहीं आया। लोगों का कहना था कि हमें अपनी सैन्य शक्ति पर पूरा भरोसा है, वे दुश्मन के हमलों का मूंह तोड़ जबाब दे रहें हैं और हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
व्यापार मंडल ने ब्लैक आउट से एक घंटा पहले बाजार बंद करने का लिया निर्णय
बीती रात को हुए अचानक हमले के बाद व्यापार मंडल उधमपुर की तरफ से निर्णय लिया गया कि ब्लैक आउट होने से ठीक एक घंटा पहले सभी बाजार को बंद कर दिया जाएगा। वहीं इसके चलते शुक्रवार को शाम 7 बजे सभी बाजार बंद कर दिए गए और दुकानदार अपनी-अपनी व कारोबार बंद कर घरों को लौट गए।