- छह माह से बंद पड़ी थी सेवा, डोर-टूर डोर कचरा उठाने की सेवा हुई बहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर में बीते लगभग छह माह से बंद डोर-टू डोर कचरा उठाने की सेवा मंगलवार से दोबारा बहाल कर दी गई। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई कंपनी के कर्मचारियों ने लोगों के घरों में पहुंचकर कूड़ा उठाना शुरू कर दिया है। इससे शहरवासी काफी राहत महसूस कर रहे हैं।
इससे पहले घरों से कचरे का उठान नहीं होने से लोग परेशान थे। इस परेशानी को दूर करने के लिए अप्रैल में नगर परिषद की तरफ से डोर-टू डोर कचरा उठान सेवा के लिए नया टेंडर जारी किया गया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ठेका लेने वाली लार्ड शिवा कंपनी ने अगले एक साल के लिए स्थायी रूप से इस काम का जिम्मा संभाल लिया है। फिलहाल सेनिटेशन शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले की तरह ही घरों से सौ रुपये प्रतिमाह और दुकानदारों से 200 रुपये प्रतिमाह शुल्क वसूला जाएगा।
उल्लेखनीय है कि साल 2024 के नवंबर के अंत में डोर-टू डोर सेवा प्रदाता कंपनी के साथ करार खत्म होने के बाद शहर में इस सेवा को बंद कर दिया गया था। इससे गली मोहल्लों में कचरे के ढेर लगना शुरू हो गए थे। वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से शहरवासी परेशानी में थे और लगातार सेवा फिर से बहाल करने की मांग कर रहे थे। उधर, सफाई कर्मचारियों की कमी से जूझ रही नगर परिषद के लिए भी शहर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखना चुनौती बन गया था।
वहीं, गर्मी का मौसम शुरू होने पर नगर परिषद की तरफ से अपने सफाई कर्मचारियों को ही रोटेशन वाइज घर- घर से कचरे उठाने की सेवा को अस्थायी रूप से बहाल कर राहत देने का प्रयास किया जा रहा था। लेकिन नियमित तौर पर सेवा नहीं मिलने से शहरवासी परेशान थे।
घर से निकलने वाले कचरे को ठिकाने लगाने में परेशानी पेश आ रही थी। इससे गलियों और मोहल्लों में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। लेकिन अब दोबारा से इस सर्विस के नियमित तौर पर शुरू होने से काफी राहत मिली है।
-
सेवा शुरू होने से परेशानी दूर हो गई
डोर-टू डोर कचरा उठाने की सेवा शुरू होने से शहर की सफाई व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। पहले नियमित तौर पर सेवा नहीं मिलने से कारोबारी परेशान थे। बिना सेवा के सेनिटेशन शुल्क देने से दुकानदार मना कर रहे थे लेकिन अब नियमित रूप से सेवा शुरू होने से परेशानी दूर हो गई है।
-
जितेंद्र बरमानी, अध्यक्ष व्यापार मंडल
-
डोर-टू डोर कचरा उठाने की सेवा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए एमओयू (समझ्रौता नियमन) के तहत एक निजी कंपनी को टेंडर जारी किया गया है। कंपनी ने काम संभाल लिया है। मई महीने से शहर के प्रत्येक घर में सेवा कर्मियों की दस्तक शुरू हो जाएगी। कारोबारियों के साथ सेनिटेशन शुल्क को लेकर पहले दुकानदारों की जो नाराजगी थी, वह भी खत्म हो गई है।
विशाल सडोत्रा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद