सरकारी सिटी मिडिल स्कूल रामनगर की इमारत के टूटे शीशे।
खिड़कियों के कई शीशे टूटे, स्कूल परिसर में उगी घास व झाड़ियां
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। रामनगर का सरकारी सिटी मिडिल स्कूल आठ साल से दयनीय हालत में है। स्कूल के कमरों में लगी खिड़कियों के कई शीशे टूटे चुके हैं। स्कूल परिसर में उगी घास व झाड़ियां विद्यार्थियों लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं।
शिक्षा विभाग ने रामनगर में सरकारी सिटी मिडिल स्कूल इसलिए बनाया था कि क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई करने के लिए दूर न जाना पड़े। हालांकि यह स्कूल 50 साल पुराना है। यहां पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 100 से अधिक है। लेकिन स्कूल प्रशासन स्कूल की दशा को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा। कहने को जिले की सबसे बड़ी तहसील रामनगर है। लेकिन अगर तहसील मुख्यालय पर सरकारी स्कूलों की दशा ऐसी होगी तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि दूरदराज के गांवों के सरकारी स्कूलों की दशा कैसी होगी।
स्थानीय लोगों में आनंद मोहत्रा, अनिल गुप्ता, विजय कुमार, संदीप सिंह, हंस राज व दर्शन कुमार का कहना था कि हैरानी की बात है कि स्कूल प्रशासन की ओर से परिसर में उगी घास व झाड़ियाें को आज तक साफ नहीं करवाया जा सका है। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। स्कूल परिसर में उगी घास व झाड़ियों के कारण मच्छरों का बढ़ना तय है। मच्छर कहीं बच्चों को काट कर उन्हें बीमार न कर दे। लिहाजा स्कूल प्रशासन व विभाग को चाहिए कि झाड़ियों की साफ करवाने के साथ ही कमरों के टूटे शीशे फिर से लगवाए जाएं।
- कोट...जल्द ही स्कूल की दशा को दुरुस्त किया जाएगा। इसके साथ ही स्कूल परिसर में उगी झाड़ियों और घास की कटाई करवाई जाएगी।
- कमल किशोर बड़याल, मुख्य शिक्षा अधिकारी