अपने मालिक की जान जोखिम में देखी तो अपनी जान की परवाह किए बिना पालतू कुत्ता कालू रीछ पर टूट पड़ा। कुत्ते के हमले से घबराकर रीछ भाग गया और इस तरह उसके मालिक की जान बच गई। हालांकि रीछ के हमले से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले चिनैनी उपजिला अस्पताल में ले जाया गया, जहां से उसे उधमपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
यह मामला गांव जखेड के पाटा के जंगलों का है। रविवार की सुबह वहां रीछ ने एक युवक पर हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। युवक के रिश्तेदार अशोक कुमार ने बताया कि घायल राजू (18) रविवार की सुबह अपने घर से कुछ ही दूर पालतू मवेशियों को जंगल में चराने गया था। इसी बीच एक रीछ ने अचानक राजू पर हमला कर दिया। इस बीच वहां मौजूद राजू का पालतू कुत्ता कालू अपने मालिक की जान बचाने के लिए रीछ से भिड़ गया।
युवक के शोर मचाने पर गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के चिल्लाने और कुत्ते के हमले से घबराकर रीछ भाग गया। युवक के सिर में काफी गंभीर चोट आई है। उसे प्राथमिक उपचार के लिए जखेड और उसके बाद लाटी पीएचसी ले जाया गया, जिसके बाद युवक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गांव में पालतू कुत्ते कालू की बहादुरी की चर्चा हो रही है। लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले भी रीछ ने एक व्यक्ति पर हमला किया था।
अब जंगली जानवरों के हमले बढ़ रहे हैं। लाटी और जखेड़ के बीच में मई, अगस्त, सितंबर से अब तक रीछ चार बार हमले कर चुके हैं। इसमें दो महिलाएं व दो व्यक्ति घायल हो चुके हैं। इसलिए ग्रामीणों की मांग है कि वाइल्ड लाइफ विभाग को तुरंत इन जंगली जानवरों को पकड़कर चिड़ियाघर में डाल देना चाहिए। हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकरियों ने युवक को सहायता राशि भी दी।
एसडीएम संदेश कुमार के निर्देश पर डुडू नायब तहसीलदार बिशन दास ने घायल युवक के परिवार को रेडक्रास से दस हजार रुपये की राहत राशि दी है। पालतू जानवरों में कुत्ते को सबसे वफादार माना जाता है।
जिस तरह रविवार को कालू ने अपने मालिक की भालू से जान बचाई, इसी तरह कुछ वर्ष पहले चिनैनी के एक गांव में पालतू कुत्ते डब्बू ने अपने मालिक की तेंदुए से जान बचाई थी। आज भी गांव में डब्बू की बहादुरी के चर्चे होते हैं। गांव चिरडी में तो एक पालतू कुत्ता तेंदुए से अपनी मालिक को बचाने में अपनी जान गंवा बैठा। उसने अपनी जान देकर भी अपने मालिक को तेंदुए से बचा लिया।