पस्सियां गिरने से कई रास्ते हुए बंद
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बुधवार की रात को जोरदार बारिश के साथ आसमानी बिजली गिरने से डोडा-किश्तववाड़ हाईवे पर ध्वस्त हुआ यातायात चौदह घंटे बाद वीरवार की सुबह ग्यारह बजे बहाल किया गया। इतनी देर तक हाईवे पर यातायात ठप होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। दरअसल, जिला डोडा, किश्तवाड़ और तहसील भद्रवाह को जम्मू से जोड़ने वाला यह एक मात्र राष्ट्रीय राजामर्ग है। उधमपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में बारिश के कारण्ा यातायात और बिजली व्यवस्था चरमराई।
जानकारी के मुताबिक बुधवार की रात करीब नौ बजे जोरदार बारिश शुरू हुई। इस बीच जिला मुख्यालय से करीब पंद्रह किलोमीटर दूर बग्गर क्षेत्र में आसमानी बिजली गिरने से पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरने का सिलसिला शुरू हो गया और हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया। तत्काल हाईवे को खोलने का प्रयास करना भी संभव नहीं था।
सुबह आरएंडबी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का दल मौके पर पहुंच कर मलबा हटाने का काम शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद वीरवार की सुबह करीब ग्यारह बजे हाईवे को एकतरफा यातायात के लिए खोला गया। बता दें कि वर्ष 2011 में इसी स्थान पर बिजली गिरने से वहां एक होटल में काम करने वाले दो लोगों की मौत हो गई थी। उनके शव आज तक नहीं मिल सके। उस समय कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए थे। उधमपुर जिले के कई इलाकों खराब मौसम के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी।