संवाद न्यूज एजेंसी
डोडा। जिले की मरमत तहसील के छोटा मणिमहेश गांव में उस समय धार्मिक आक्रोश फैल गया जब सोमवार सुबह ग्रामीणों ने एक शिव मूर्ति को क्षतिग्रस्त अवस्था में पाया। यह मूर्ति स्थानीय धार्मिक स्थल पर स्थापित थी, जिसे अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया है। मूर्ति का एक हिस्सा विशेषकर एक ओर का हाथ टूटा हुआ पाया गया, जिससे स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर एकत्र हो गए और इस शर्मनाक कृत्य के खिलाफ आवाज बुलंद की।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध भाऊ ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, यह केवल मूर्ति नहीं, बल्कि हमारी आस्था पर हमला है। इस तरह के कार्य किसी साजिश का हिस्सा भी हो सकते हैं। प्रशासन को तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को कानून के कठघरे में लाना चाहिए।
सनातन धर्म सभा सहित अन्य धार्मिक संगठनों ने भी इस घटना पर गहरा रोष जताया है। उन्होंने इसे हिंदू धर्म के प्रतीकों के प्रति असहिष्णुता की निंदनीय मिसाल बताया और प्रशासन से मांग की कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच के बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।