उधमपुर। आस्था के नाम पर देविका नदी को फिर से प्रदूषित किया गया। सोमवती अमावस्या पर पूजन की सामग्री लेकर हजारों महिलाएं देविका नदी के तट पर पहुंची और बाद में पॉलिथीन व अन्य सामान नदी में डाल कर चली गईं। इसके बाद दिन भर देविका नदी प्रदूषण का शिकार नजर आई। शहरवासियों का कहना है कि देविका नदी में गंदगी डालने से रोकने के लिए कुछ व्यवस्था की जानी चाहिए।
देविका नदी को प्रदूषण मुक्त करने को लेकर राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के तहत काम किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 187 करोड़ रुपये मंजूर किए है। करीब ढाई वर्ष से इसको लेकर देविका के सौंदर्यीकरण और सीवरेज का काम किया जा रहा है। लेकिन अभी तक देविका नदी को प्रदूषण मुक्त करने में कामयाबी नहीं मिल सकी है। जबकि देविका नदी के अंदर प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। धार्मिक पर्व पर तो प्रदूषण और भी बढ़ जाता है।