मकर संक्रांति पर देविका घाट में जमा हुई गाद और गंदगी। संवाद
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लोग बोले- सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन देविका अब पहले से भी अधिक कचरे से भरी
उधमपुर। एक तरफ जहां प्रयागराज में मां गंगा के घाट पर श्रद्धालु प्रशासनिक प्रबंधों से गदगद हैं तो वहीं उधमपुर में मां गंगा की बड़ी बहन मां देविका की मकर संक्रांति पर किसी ने सुध तक नहीं ली।
मकर संक्रांति पर हर साल यहां हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान करने पहुंचते हैं और प्रथा सदियों से चली आ रही हैं। देविका को मां गंगा की बड़ी बहन होने का दर्जा प्राप्त है। मान्यता है कि जो लोग हरिद्वार में नहीं पहुंच पाते हैं, उन्हें यहीं पावन देविका में स्नान करने से ही मां गंगा में डुबकी लगाने के बराबर का पुण्य फल मिल जाता है। यही आस लेकर मंगलवार को मकर संक्रांति के दिन भी काफी संख्या में श्रद्धालु पवित्र देविका नदी में डुबकी लगाने पहुंचे थे, लेकिन गाद और गंदगी से मैली हो चुकी देविका में वे चाहकर भी हाथ मुंह तक भी न धो पाए। ज्यादातर श्रद्धालुओं ने देविका घाट पर बने जलकुंडों पर ही स्नान किया और कुछ निराश होकर वापस लौट गए।
मुनीष कुमार, सुदेश शर्मा, रोहित उपाध्याय, मंगत राम व अन्य ने कहा कि करोड़ों रुपयों का खर्च किया गया है, लेकिन देविका अब पहले से भी अधिक कचरे से भरी है। हर साल मकर संक्रांति पर यहां हजारों लोग स्नान करने के लिए जुटते हैं लेकिन इस बार इसकी दुर्दशा देखकर मन काफी ज्यादा व्यथित हुआ है। देविका नदी के पूरे घाट गाद और गंदगी से सने पड़े हैं।