उधमपुर। पावन देविका घाट पर मंगलवार से तीन दिवसीय ऐतिहासिक बैसाखी मेले का आगाज होगा। इसके लिए तैयारियां जोरशोर से जारी हैं और प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। झूले, विभिन्न प्रकार के स्टाल और सांस्कृतिक गतिविधियां आकर्षण का केंद्र होंगी।
यह मेला क्षेत्र की आस्था और परंपरा का प्रतीक माना जाता है। देविका नदी को गंगा की बड़ी बहन के रूप में जाना जाता है जिस कारण स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। बैसाखी पर श्रद्धालु पौ फटते (सूर्य की पहली किरण) ही घाट पर पहुंचना शुरू कर देते हैं और पवित्र स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
प्रशासन ने मेले को सुचारु रूप से आयोजित करने के लिए इंतजाम किए हैं। घाट की सफाई करवा दी गई है व शेष तैयारियों को सोमवार शाम तक पूरा कर लिया जाएगा। देविका पार्क में करीब 125 स्टाल लगाए जाएंगे जिनमें स्थानीय उत्पादों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आए कारोबारी सामान बेचेंगे।
मनोरंजन के लिए थीम पार्क में झूले लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा सरकारी विभागों द्वारा जनहित से जुड़ी योजनाओं प्रति जागरूक करने के लिए स्टाल लगाए जाएंगे।
रविवार को अधिकारियों ने मेलास्थल पर तैयारियों का जायजा लिया। मेला अधिकारी तहसीलदार जय सिंह, थाना प्रभारी, राजस्व अधिकारी विमल शर्मा और नगर परिषद के सीईओ सद्दाम हुसैन ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण सहित अन्य सुविधाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता है।
सुनील, मोहित, पूजा देवी, सपना गुप्ता, राधा शर्मा व अन्य शहरवासियों का कहना है कि आस्था, सांस्कृतिक रंग और व्यापारिक गतिविधियां मेले को खास बनाती हैं। हर साल मेले का बेसब्री से इंतजार रहता है। वहीं बाहरी इलाके नैनसू में भी मंगलवार से तीन दिवसीय बैसाखी मेले शुरू हो जाएगा।