उधमपुर। पांच वर्ष के लंबे इंतजार के बाद भी शहरवासियों को वाटर एटीएम की सुविधा नहीं मिल सकी। नगर परिषद ने अब इस योजना पर काम बंद कर दिया है, और वाटर एटीएम के लिए तैयार ढांचे को दुकान के रूप में बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मई 2017 में नप ने शहर में तीन वाटर एटीएम लगाने की योजना तैयार की थी। लाखों रुपये खर्च कर जून 2017 में इसके लिए नप कार्यालय के बाहर, एमएच चौक और सैला तालाब में ढांचे तैयार कर दिए गए। एक वर्ष बाद वाटर एटीएम लगाने वाली निजी कंपनी ने एमएच चौक और सैला तालाब में तैयार किए ढांचों में 30 लाख रुपये में वाटर एटीएम की मशीन भी लगा दी। 2019 में एटीएम का ट्रायल किया गया। ट्रायल के दौरान सप्ताह तक वाटर एटीएम चलाए, और पानी को फिल्टर किया गया। लेकिन, ट्रायल के बाद फिर इनको ताला लगा दिया गया, जो आज तक नहीं खुला।
पांच वर्ष के बाद नप ने शहर के एमएच चौक के इलाके में वाटर एटीएम के लिए तैयार ढांचे के स्थान पर दुकान शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसको किराए पर देने को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। वहीं, नप कार्यालय के बाहर व सैला तालाब में तैयार ढांचे के स्थान पर अन्य परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। अब यह तो साफ है कि शहरवासियों को वाटर एटीएम की सुविधा नहीं मिलेगी।
--------
शहर की टंकियों में नहीं पीने का साफ पानी
शहर में जन सुविधाओं का बहुत अभाव है। विभिन्न हिस्सों में पीने के पानी की टंकियां व वाटर कूलर लगाए हैं, लेकिन इनमें पानी साफ नहीं होता। मजबूरन लोगों को 15 या 20 रुपये में पानी की बोतल खरीद कर गुजारा करना पड़ता है। अगर वाटर एटीएम शुरू हो जाते तो लोगों को दो रुपये में एक गिलास पानी पीने मिलता।
------
मुंबई के कांट्रैक्टर के साथ वाटर एटीएम को लेकर करार किया गया था। कांट्रैक्टर ने 30 लाख रुपये खर्च कर दो वाटर एटीएम मशीनें लगाईं। लेकिन, मशीनें लगाने के बाद कांट्रैक्टर ने नगर परिषद से संपर्क नहीं किया। नप ने कई बार कांट्रैक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसने फोन उठाना बंद कर दिया। मजबूरन नप को दूसरी प्रक्रिया शुरू करनी पड़ रही है।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, अध्यक्ष, नगर परिषद उधमपुर