रामनगर। सरकारी मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल रामनगर का छात्रावास करीब पांच वर्ष से बंद पड़ा है। छात्रावास की इमारत पूरी तरह बदहाल हो चुकी है, जो गिरने की कगार पर है। पीडब्ल्यूडी ने भी इसे असुरक्षित घोषित कर दिया है। लेकिन, आज तक शिक्षा विभाग इसकी मरम्मत नहीं की।
दूरदराज ग्रामीण इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए करीब 30 वर्ष पहले हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्रावास का निर्माण किया गया था। इस छात्रावास में करीब 50 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था की गई थी। छात्रावास की सुविधा मिलने के कारण सैकड़ों विद्यार्थियों ने इसका लाभ उठाया। लेकिन, रख रखाव के अभाव में इमारत की हालत खराब होने लगी, और शिक्षा विभाग ने इस परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया।
वर्ष 2017 में इमारत पूरी तरह बदहाल हो गई। इमारत का निरीक्षण करने के बाद पीडब्ल्यूडी ने इसे असुरक्षित घोषित कर दिया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने इमारत में विद्यार्थियों के रखने पर रोक लगा दी। करीब पांच वर्ष बाद भी न तो इमारत की हालत सुधरी है, और न ही विद्यार्थियों को छात्रावास की सुविधा मिल सकी।
हर सत्र में विद्यार्थी छात्रावास की मांग स्कूल प्रशासन के सामने रखते हैं, लेकिन शिक्षा विभाग न तो इसकी मरम्मत करवा पा रहा है, और न ही छात्रावास की नई इमारत का निर्माण करवा पा रहा है। दूरदराज ग्रामीण इलाकों से 11वीं व 12वीं की शिक्षा हासिल करने के लिए रामनगर पहुंचने वाले विद्यार्थियों को किराए पर कमरे लेकर रहना पड़ रहा है। इससे उन्हें काफी परेशानियां हो रही हैं।
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छात्रावास की इमारत की मरम्मत के लिए वर्ष 2019 में 20 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। दो वर्ष कोरोना संकट में गुजर गए, और स्कूलों के बंद रहने के कारण किसी ने छात्रावास की मांग भी नहीं की। लेकिन, अब स्कूल खुलने के बाद इसको लेकर फिर से प्रयास किए जाएंगे।
- तरसेम सिंह, प्रिंसिपल, सरकारी मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल, रामनगर
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अभी तक छात्रावास की हालत सुधारने को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं बनाया जा सका है। शिक्षा विभाग की तरफ से रमसा के तहत तैयार गर्ल्स हॉस्टल को शुरू करने का प्रयास चल रहा है। इसके शुरू होने के बाद छात्राओं को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं होगी।
- अरविन कुमार कौल, सीईओ, शिक्षा विभाग, उधमपुर