अस्पताल में स्मोक सेंसर का परीक्षण करते हुए: संवाद
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चिनैनी। सीएचसी अस्पताल चिनैनी में स्मोक सेंसर लगाने के बाद रविवार को अस्पताल प्रशासन ने इसका परीक्षण किया। सेंसर के पास कर्मचारियों ने जैसे ही धुआं पहुंचाया, अस्पताल में लगा अलार्म तेजी से बजने लगा। लेकिन, इसी दौरान एक अव्यवस्था सामने आई कि यदि अस्पताल में वास्तविक आग लग जाए, तो इस पर काबू पाने के लिए प्रशासन के पास आग बुझाने वाले सिलिंडर तो हैं ही नहीं।
चिनैनी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरे इलाके के लोगों का उपचार करता है। ब्लॉक की एक बड़ी आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है। आवश्यकता के हिसाब से इस अस्पताल की इमारत में 50 से ज्यादा कमरे भी हैं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर अस्पताल प्रशासन ने 30 स्मोक सेंसर भी लगवा दिए। लेकिन, किन्हीं कारणवश अस्पताल में आग लगती है तो आपातकालीन स्थिति पर काबू पाने के लिए आग बुझाने वाले सिलिंडर कोई आधा दर्जन ही हैं।
अस्पताल से दमकल विभाग की दूरी कोई डेढ़ से दो किलोमीटर है। यदि अस्पताल में आग लगने की घटना होती है तो सूचना मिलने पर दमकल विभाग को अस्पताल पहुंचने में लगभग 15 मिनट का समय लगेगा। इस बीच आग को ज्यादा न फैलने देने की जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन को ही निभानी होगी। अस्पताल की क्षमता के हिसाब से यहां कम से कम 50 सिलिंडरों की आवश्यकता है, जो आपातकालीन स्थिति में काम आएंगे। हालांकि, बीएमओ डॉ. देव राज ने बताया है कि आग बुझाने वाले सिलिंडरों के लिए उन्होंने उच्च अधिकारियों को लिखा है। उम्मीद है जल्द समस्या दूर हो जाएगी।