जिला विकास बोर्ड की रविवार को हुई रिव्यू बैठक विधायकों और सांसद की गैर मौजूदगी में ही हो गई। विधायकों ने आननफानन में बुलाई गई इस रिव्यू बैठक का बहिष्कार कर दिया तो सांसद जानकारी के अभाव में शामिल नहीं हो सके।
जिला विकास बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्य के वन मंत्री लाल सिंह ने शनिवार को बोर्ड की रिव्यू बैठक बुलाई थी। इसमें सांसद एवं पीएमओ में राज्य मंत्री डाक्टर जितेंद्र सिंह, उधमपुर के विधायक पवन गुप्ता और चिनैनी के विधायक दीनानाथ भगत शामिल नहीं हुए।
पवन गुप्ता ने प्रेस वार्ता में कहा कि लाल सिंह द्वारा असंवैधानिक तरीके से इस बैठक का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि 14 मई को बोर्ड की बैठक में बोलने के लिए उन्हें मिनट्स तक नहीं दिए थे। अब इस बैठक को बुलाने का क्या आधार है।
उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में पारित प्रस्तावों और कार्यों के लिए फंड तक नहीं दिया गया है। किसी भी योजना पर काम तक शुरू नहीं हो पाया है। जब कोई काम शुरू ही नहीं हुआ तो वह आखिर किस बात का रिव्यू करना चाहते थे। पिछली बैठक के मिनट्स अभी तक उन्होंने साइन नहीं किए हैं। इसके चलते इसकी कापी तक नहीं मिल पाई है।
वहीं, भगत ने कहा कि पिछली बोर्ड की बैठक में प्रस्तावित योजनाओं के लिए फंड तक मुहैया नहीं कराया गया है। बैठक के मिनट्स तक उन्हें नहीं मिले तो रिव्यू बैठक का नाटक किसलिए किया गया। इसी कारण से उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया है। बैठक में डाक्टर जितेंद्र भी शामिल नहीं हुए।
हालांकि, उनका पीए बैठक में पहुंचे। जितेंद्र की गैर मौजूदगी पर पीए ने कहा कि डाक्टर सिंह को बैठक के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। इसलिए वह इसमें शामिल नहीं हो सके। डा. सिंह द्वारा इस बैठक पर आपत्ति उनके पीए द्वारा जताई गई।