उधमपुर। कश्मीरी भाषा के लिए 166 और डोगरी के लिए मात्र पांच पद निकाले जाने पर लोगों में रोष है। शनिवार को डोगरी स्कॉलर्स के एक शिष्टमंडल ने पैंथर्स पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया से मुलाकात की। इस मौके पर ज्ञापन सौंप कर जल्द कदम उठाने की गुहार लगाई। वहीं, पूर्व विधायक ने भी इस मामले पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि डोगरी भाषा के साथ सभी सरकारों ने भेदभाव की नीति अपनाई है। डोगरी भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा तो दे दिया, लेकिन भेदभाव का सिलसिला आज भी जारी है।
गत दिनों शिक्षा विभाग की ओर से कश्मीरी और डोगरी भाषा को लेकर पद निकाले गए थे, जिसमें एक बार फिर से डोगरी के साथ भेदभाव करते हुए कश्मीरी भाषा को तबज्जो दी। यह जम्मू संभाग के युवाओं के साथ अन्याय है। कश्मीर के राजनीतिक दल हमेशा से जम्मू संभाग के साथ भेदभाव करते आए हैं, लेकिन अब केंद्र सरकार द्वारा भी ऐसी ही नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने उपराज्यपाल से इस मामले का संज्ञान लेते हुए जल्द कदम उठाने की अपील की है।