प्रमुख चौराहे दब्बड़ चौक और सलाथिया चौक पर सड़क किनारे बने मेटाडोर स्टैंड मुसाफिरों के लिए मुसीबत बन गया है। इसके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। यहां खस्ताहाल सड़क और अक्सर जाम के कारण लोगों का परेशानियों हो रही हैं।
प्रशासन ने इन दोनों बस स्टैंडों को शिफ्ट करने के लिए नई जगह की तलाश की, इसके बावजूद मेटाडोरों को सड़क पर खड़ा किया जा रहा है। वह नए स्टैंड पर जाने से कतरा रहे हैं।
दब्बड़ चौक पर बना मेटाडोर स्टैंड खतरों से खाली नहीं है। पहाड़ी पर देविका नदी के किनारे बने इस स्टैंड पर मेटाडोर बेतरतीब खड़ी रहती हैं। पहाड़ी के नीचे देविका पर बना पुल बारिश में बह गया था। भूस्खलन से वहां काफी नुकसान हुआ।
लोगों ने आशंका है कि भूस्खलन से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस स्टैंड से गड़ी, रैंबल, फ्लाटे, टिकरी, जखैनी, रेलवे स्टेशन, सैलां तालाब, चक, क्रिमची, मानसर आदि क्षेत्रों के लिए मेटाडोर जाती हैं। अंतर जिला बसें भी यहां से आवाजाही करती हैं। प्रमुख शहर, कालेज, स्कूल व सरकारी कार्यालयों में जाने वाले कर्मचारी अक्सर जाम में फंसे रहते हैं।
धार रोड़ पर सलाथिया चौक पर भी शायद ही ऐसा कोई समय होगा जब जाम नहीं लगता हो। जाम के कारण कई बार लोगों को घंटों खड़ा रहना पड़ता है। कोर्ट और डीसी आफिस के सामने भी जाम लगता है। एसपी खलील पोसवाल के अनुसार नए स्टैंड की जगह तलाश की गई है।
कोर्ट में मामला होने के कारण इसे शिफ्ट नहीं किया जा सका है। जाम लगने की स्थिति में पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। स्टैंड का मामला अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा।